Chhattisgarh House : रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र में मंगलवार को उस समय सियासी गलियारों में हलचल मच गई, जब सदन के अंदर कांग्रेस विधायक संगीता सिन्हा ने सत्ताधारी दल के वरिष्ठ विधायक अजय चंद्राकर को मुख्यमंत्री बनने का खुला ऑफर दे डाला। कांग्रेस विधायक ने कहा कि यदि चंद्राकर अपने साथ 15 विधायक लेकर आते हैं, तो उन्हें मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है।
कांग्रेस विधायक संगीता सिन्हा का यह बयान बीजेपी विधायक अजय चंद्राकर के तीखे और आक्रामक अंदाज के बाद आया। चंद्राकर अपनी ही सरकार के कार्यकाल के दौरान भी लगातार विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेर रहे थे, जिसके चलते वे सुर्खियों में रहे। संगीता सिन्हा ने मीडिया से बातचीत में बताया कि पहले दिन विजन 2047 की चर्चा में विपक्ष (कांग्रेस) के विधायकों ने भाग नहीं लिया था।
संगीता सिन्हा ने तर्क दिया कि कांग्रेस विधायकों की अनुपस्थिति में अजय चंद्राकर ने सदन में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका निभाई थी। उन्होंने यह भी कहा कि चंद्राकर लगातार अपनी ही सरकार को घेर रहे हैं, जिससे ऐसा प्रतीत होता है कि वे इस नई सरकार से दुखी हैं। इसी कारण, उन्हें यह पेशकश की गई कि अगर वह 15 विधायक लेकर आते हैं तो उन्हें मुख्यमंत्री बना दिया जाएगा।
हालांकि, कांग्रेस विधायक के इस खुले ऑफर पर अजय चंद्राकर ने तत्काल पलटवार किया। मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए चंद्राकर ने इस ऑफर को सिरे से खारिज कर दिया और संगीता सिन्हा पर तंज कसते हुए कहा, “संगीता सिन्हा के दिमाग में ओले पड़ गए हैं। वह कुछ भी बोल रही है।” चंद्राकर ने स्पष्ट किया कि उन्हें ऐसे किसी पद या ऑफर में कोई दिलचस्पी नहीं है।
यह घटनाक्रम शीतकालीन सत्र के दौरान दोनों दलों के बीच हुई तीखी राजनीतिक नोकझोंक को दर्शाता है। एक तरफ जहां कांग्रेस ने सत्ता पक्ष में आंतरिक कलह होने का संकेत देने की कोशिश की, वहीं बीजेपी विधायक ने इसे हास्यास्पद बताते हुए विपक्ष की टिप्पणी को गैर-जरूरी बताया। सदन में हुई यह राजनीतिक बयानबाजी अगले दिन भी चर्चा का विषय बनी रही।











