Drug mafia : भोपाल/इंदौर। मध्य प्रदेश की राजनीति इन दिनों नशा माफिया से कथित संबंधों और विकास के मुद्दों को लेकर दो खेमों में बंटी हुई है। एक ओर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव खजुराहो में कैबिनेट की बैठक कर बुंदेलखंड की विरासत को संवारने और विकास का एजेंडा तय कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर विपक्ष ने बीजेपी विधायक प्रतिमा बागरी के भाई को अवैध मादक पदार्थ के साथ पकड़े जाने के मामले को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सीधे तौर पर प्रतिमा बागरी का इस्तीफा मांगते हुए सरकार को ‘नशा माफिया की सरकार’ करार दिया है।
Drug mafia : पटवारी ने अपने बयान में आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश वासियों को अब यह समझना पड़ेगा कि बीजेपी की सरकार नशा माफिया को संरक्षण दे रही है। उन्होंने यहां तक कह दिया, “यह सरकार खुद नशे पर सवार है, नशे में हम पंजाब को पीछे छोड़ रहे हैं”। पटवारी ने प्रतिमा बागरी के इस्तीफे की मांग को दोहराया और दावा किया कि मिर्ची केस में भी मंत्री विश्वास सारंग का पारिवारिक रिश्ता मिला था। पटवारी ने जगदीश देवड़ा के नाम में हुई ‘गलतफहमी’ पर भी सफाई देते हुए कहा कि मुरली देवड़ा के साथ ड्रग के कारोबारियों के फोटो हैं। इन आरोपों ने राज्य की राजनीति में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच एक बड़ा टकराव पैदा कर दिया है।
Drug mafia : इस बीच, विवादों में घिरीं मंत्री प्रतिमा बागरी ने मीडिया को संबोधित करते हुए सफाई दी और कहा कि “सरकार और क़ानून अपना काम कर रहे हैं, गलत करने वाला बख्शा नहीं जाएगा”। उन्होंने कहा कि जो भी गलत करेगा, उसे सज़ा जरूर मिलेगी, और यही उनकी सरकार की विशेषता है। मंत्री ने मीडिया से भी अपील की कि खबरों को चलाने से पहले तथ्यों की पुष्टि आवश्यक है, क्योंकि कई बार मीडिया अपने स्तर पर रिश्तेदारी जैसी बातें जोड़ देता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनके लिए पूरा विधानसभा क्षेत्र ही परिवार है, और वे लगातार जनता के हित में काम करती रहेंगी।
Drug mafia : राजनीतिक हमलों के अलावा, पटवारी ने सरकार की असंवेदनशीलता पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने खजुराहो में हाल ही में हुई फूड पॉइजनिंग की घटना का जिक्र किया, जिसमें 4 व्यक्तियों की मृत्यु हो गई थी। पटवारी ने आरोप लगाया कि इतने बड़े हादसे के बावजूद मुख्यमंत्री या किसी मंत्री ने मृतकों के परिजनों से मिलना उचित नहीं समझा। इसके साथ ही, किसानों को प्याज के अच्छे दाम न मिलने पर कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना का यह बयान कि “उपज अच्छी हुई है इसलिए किसान प्याज को फेंक रहे हैं, यह मेरा मुद्दा नहीं है”, आग में घी डालने का काम कर रहा है।
Drug mafia : कुल मिलाकर, एक तरफ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुंदेलखंड की विरासत को सहेजने और विकास पर केंद्रित एक सकारात्मक छवि बनाने का प्रयास कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर उनकी पार्टी के मंत्री और विधायकों से जुड़े विवाद और प्रशासनिक चूकें (जैसे प्याज पर मंत्री का बयान और खजुराहो में मौतों पर चुप्पी) विपक्ष को तीखे हमले का मौका दे रहे हैं। प्रतिमा बागरी का बयान सीधे तौर पर उनके भाई के मामले से दूरी बनाने और कानून के राज पर भरोसा जताने का प्रयास है, लेकिन यह देखना होगा कि कांग्रेस द्वारा उठाया गया ‘नशा माफिया’ का मुद्दा विधानसभा से लेकर सड़कों तक कितना गंभीर रूप लेता है।











