Price of onions : भोपाल/खजुराहो। मध्य प्रदेश में एक ओर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की कैबिनेट खजुराहो में बुंदेलखंड के विकास पर मंथन कर रही है, वहीं दूसरी ओर किसानों की समस्याओं पर कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना का एक बयान चर्चा का विषय बन गया है। राज्य के किसानों को उनकी प्याज की उपज के अच्छे दाम नहीं मिल रहे हैं, जिससे वे बड़े पैमाने पर निराश हैं और कई जगहों पर अपनी फसल फेंकने को मजबूर हैं।
जब पत्रकारों ने कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना से किसानों की इस निराशाजनक स्थिति पर सवाल किया, तो उनका जवाब बेहद असंवेदनशील और चौंकाने वाला था। मंत्री कंसाना ने अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए कहा:
“उपज अच्छी हुई है इसलिए किसान प्याज को फेंक रहे हैं। यह मेरा मुद्दा नहीं है फिर भी मैं यह कह रहा हूँ… प्याज की उपज बड़ी है।”
Price of onions : मंत्री कंसाना ने अप्रत्यक्ष रूप से यह स्वीकार किया कि राज्य में प्याज की उपज में वृद्धि हुई है, जिसके कारण बाजार में कीमतों में गिरावट आई है। हालांकि, किसानों की निराशा और उनकी मेहनत के बर्बाद होने पर उन्होंने किसी भी सरकारी हस्तक्षेप या समर्थन मूल्य पर बात करने से इनकार कर दिया और इसे ‘मेरा मुद्दा नहीं’ कहकर टाल दिया।
Price of onions : किसान नेता और विपक्षी दल इस बयान को राज्य सरकार की किसान विरोधी मानसिकता का प्रमाण बता रहे हैं। उनका कहना है कि जिस समय किसानों को आर्थिक सहायता और बाजार प्रबंधन की आवश्यकता है, उस समय कृषि मंत्री का इस तरह का गैर-जिम्मेदाराना बयान देना अत्यंत निंदनीय है।
Price of onions : हालांकि, किसानों से जुड़े एक अन्य महत्वपूर्ण विषय, खाद की उपलब्धता पर मंत्री एदल सिंह कंसाना ने दावा किया कि प्रदेश में खाद की कोई कमी नहीं है और आपूर्ति सुचारू है। बावजूद इसके, प्याज की कीमतों पर उनके रुख ने निश्चित रूप से राज्य की राजनीति में एक नया सियासी बवाल खड़ा कर दिया है और यह मुद्दा आने वाले दिनों में और गरमा सकता है।











