Sunday, September 20, 2026
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cow protection : अमानवीयता की पराकाष्ठा : गुढ़ गौशाला में गायों के शवों को ट्रैक्टर से घसीटा, भारी आक्रोश

cow protection : रीवा। एक ओर जहाँ राज्य सरकारें गौ-संरक्षण और संवर्धन पर करोड़ों रुपये खर्च करने का दावा करती हैं, वहीं रीवा जिले की गुढ़ विधानसभा क्षेत्र स्थित बड़ी गोरगी गौशाला से सामने आई हृदय विदारक तस्वीरों ने इंसानियत को शर्मसार कर दिया है। इस गौशाला में बीमार और मृत गायों के साथ जिस तरह का अमानवीय व्यवहार किया जा रहा है, उसने सरकारी दावों की पोल खोल दी है और स्थानीय ग्रामीणों तथा हिंदू संगठनों में भीषण आक्रोश पैदा कर दिया है। यह मामला गौशाला के संचालन और प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

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cow protectionग्रामीणों के अनुसार, यह गौशाला केवल कागजों पर संचालित हो रही है, जबकि हकीकत में यहाँ की अव्यवस्था चरम पर है। सबसे बड़ी चिंता का विषय यह है कि गौशाला में बीमार गायों के लिए न तो कोई पशु चिकित्सक उपलब्ध है और न ही उनके इलाज की कोई समुचित व्यवस्था है। ग्रामीणों का गंभीर आरोप है कि उचित देखभाल और इलाज के अभाव के कारण बीते एक महीने में १२ से अधिक गायों की दर्दनाक मौत हो चुकी है। यह स्थिति स्पष्ट करती है कि गौ-संरक्षण की योजनाएँ जमीनी स्तर पर दम तोड़ रही हैं।

अमानवीयता की पराकाष्ठा तब देखने को मिली जब मृत और दम तोड़ती गायों के कंकालों को गौशाला परिसर से दूर फेंकने के लिए ट्रैक्टर के पीछे रस्सियों से बांधकर बेरहमी से घसीटा गया। इस विभत्स दृश्य ने स्थानीय लोगों को झकझोर कर रख दिया। इस क्रूर कृत्य की जानकारी मिलते ही हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता आक्रोशित हो उठे और उन्होंने तत्काल गौशाला का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्हें गौशाला में चारों तरफ भारी अव्यवस्था, गंदगी और कुप्रबंधन मिला, जिसने उनके आरोपों को बल दिया।

cow protection : जब आक्रोशित ग्रामीणों और संगठनों के सदस्यों ने गौशाला संचालक आकांक्षा चौरसिया और सहायक सचिव हरीश चौरसिया से इस गंभीर लापरवाही के संबंध में जवाब मांगा, तो दोनों जिम्मेदार व्यक्ति कैमरे के सामने आने और किसी भी तरह की प्रतिक्रिया देने से बचते नजर आए। यह चुप्पी उनके द्वारा बरती गई घोर लापरवाही की ओर इशारा करती है और पूरे मामले को और भी संदिग्ध बना देती है। स्थानीय प्रशासन की निगरानी में चल रहे इस केंद्र में अधिकारियों का यह रवैया उनकी जवाबदेही पर प्रश्नचिह्न लगाता है।

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यह गंभीर और संवेदनशील मामला सामने आने के तुरंत बाद, जिले की कलेक्टर प्रतिभा पाल ने इसका त्वरित संज्ञान लिया है। प्रशासन ने इस मामले की गंभीरता को समझते हुए दोषियों पर कार्रवाई और गौशाला की व्यवस्था सुधारने का आश्वासन दिया होगा। अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन कब तक इस ‘कब्रगाह’ बन चुकी गौशाला की व्यवस्था को दुरुस्त कर पाता है और गौ-हत्या तथा पशु क्रूरता के इस मामले में गौशाला संचालक व जिम्मेदार कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करता है, ताकि भविष्य में इस तरह की अमानवीय घटना की पुनरावृत्ति न हो।

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