Sunday, September 20, 2026
Home Madhya Pradesh Indore Love Jihad Rape : ‘लव जिहाद’ और दुष्कर्म का आरोपी ‘हैप्पी पंजाबी...

Love Jihad Rape : ‘लव जिहाद’ और दुष्कर्म का आरोपी ‘हैप्पी पंजाबी उर्फ इरफान’ पाँच दिन की पुलिस रिमांड पर

Love Jihad Rape : इंदौर। इंदौर के विजय नगर थाना क्षेत्र में एक पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने दुष्कर्म और धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर गिरफ्तार किए गए आरोपी हैप्पी पंजाबी उर्फ इरफान को न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस को आरोपी की 5 दिन की रिमांड सौंप दी है। यह रिमांड 14 तारीख तक रहेगी, जिसके दौरान पुलिस गहन पूछताछ करेगी।

रिमांड पर पूछताछ का उद्देश्य और मोबाइल की जांच
गिरफ्तारी के बाद आरोपी हैप्पी पंजाबी उर्फ इरफान को कोर्ट में पेश किया गया था, जहां से पुलिस को पूछताछ के लिए 5 दिन की रिमांड मिली है। इस पुलिस रिमांड का उद्देश्य यह पता लगाना है कि इस अपराध में और कौन-कौन शामिल हो सकते हैं या अन्य कौन से बिंदु हैं जिन पर जांच होनी चाहिए। एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि इस दौरान आरोपी का मोबाइल फोन जब्त किया जाएगा और उससे मिली जानकारी की भी गहन जाँच की जाएगी।

Love Jihad Rape : पुराना और गंभीर आपराधिक रिकॉर्ड
एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने खुलासा किया कि आरोपी हैप्पी पंजाबी उर्फ इरफान का आपराधिक रिकॉर्ड काफी लंबा है। उन्होंने बताया कि इस आरोपी के खिलाफ पहले से ही कुल 14 मामले दर्ज हैं। ये मामले इंदौर और देवास सहित अलग-अलग पुलिस स्टेशनों में दर्ज हैं।

देवास और इंदौर में दर्ज मामले
आरोपी के खिलाफ दर्ज 14 मामलों में से 10 अपराध देवास में और 4 अपराध इंदौर के अलग-अलग पुलिस स्टेशनों में पंजीबद्ध हैं। यह बड़ी संख्या दर्शाती है कि आरोपी की गतिविधियां एक लंबे समय से जारी थीं और वह कानून से बचने की कोशिश कर रहा था।

पत्नी की आत्महत्या से जुड़ा गंभीर मामला भी शामिल
आरोपी पर दर्ज कुल 14 मामलों में से एक अत्यंत गंभीर मामला धारा 306 (आत्महत्या के लिए उकसाना) से संबंधित है, जो उसकी पत्नी द्वारा आत्महत्या किए जाने से जुड़ा है। इसके अलावा, आरोपी पर मारपीट के भी कई मामले पंजीबद्ध हैं। इन पुराने और गंभीर मामलों के कारण पुलिस रिमांड के दौरान उससे कठोर पूछताछ की जाएगी।

अन्य पहलुओं की जांच पर जोर
पुलिस अब इस 5 दिन की रिमांड का उपयोग कर आरोपी के पिछले अपराधों और वर्तमान मामले के बीच के संबंधों की गहराई से जांच करेगी। धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के तहत दर्ज प्रकरण की संवेदनशीलता को देखते हुए, पुलिस का पूरा ध्यान अपराध के अन्य संभावित पहलुओं को उजागर करने पर रहेगा, ताकि मामले में शामिल हर कड़ी को जोड़ा जा सके।

Share The News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here