Nuclear activities : नई दिल्ली। विदेश मंत्रालय (MEA) ने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पाकिस्तान की गुप्त परमाणु गतिविधियों को लेकर भारत की पुरानी चिंताओं को फिर से दोहराया। MEA के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान की गुप्त और गैरकानूनी परमाणु गतिविधियां उसके इतिहास के अनुरूप ही हैं, जिसमें दशकों से परमाणु प्रसार और तस्करी शामिल रही है।
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प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, “पाकिस्तान की गुप्त और गैरकानूनी परमाणु गतिविधियां उसके पुराने इतिहास से मेल खाती हैं, जो कि दशकों की तस्करी, निर्यात नियंत्रण के उल्लंघन, गुप्त साझेदारियां, ए.क्यू. खान नेटवर्क और परमाणु प्रसार पर आधारित रहा है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत ने पाकिस्तान के रिकॉर्ड के इन पहलुओं पर हमेशा अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान आकर्षित करवाया है। MEA ने यह भी पुष्टि की कि भारत ने राष्ट्रपति ट्रंप की पाकिस्तान के परमाणु परीक्षण से जुड़ी हालिया टिप्पणी को भी संज्ञान में लिया है, जो इसी पृष्ठभूमि पर आधारित है।
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वहीं, पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की संभावित भारत यात्रा के संबंध में पूछे गए सवाल पर रणधीर जायसवाल ने कहा कि इसे लेकर उन्हें कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि कोई जानकारी उपलब्ध होती है तो मीडिया को सूचित किया जाएगा।
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अफगानिस्तान के संबंध में भी विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी। प्रवक्ता ने हाल ही में अफगानिस्तान के विदेश मंत्री की भारत यात्रा और उसके बाद दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के बीच टेलीफोन पर हुई बातचीत का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि काबुल में भारतीय दूतावास (जो पहले तकनीकी मिशन था) को अपग्रेड कर दिया गया है। MEA अब इसकी कार्यक्षमताओं, कार्यों, जिम्मेदारियों को कैसे बढ़ाया जाए, और स्टाफ की संख्या कैसे बढ़ाई जाए, इस पर विचार कर रहा है।
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इसके अतिरिक्त, MEA ने अबू धाबी में हिरासत में लिए गए भारतीय नागरिक मेजर विक्रांत जेटली (सेवानिवृत्त) से संबंधित मामले की पुष्टि की। विदेश मंत्रालय ने बताया कि अबू धाबी में भारतीय दूतावास के अधिकारियों को उन्हें चार बार काउंसलर एक्सेस मिल चुका है और वे नियमित रूप से उनसे मुलाकात कर रहे हैं। दूतावास उनके परिवार, विशेष रूप से उनकी पत्नी, के संपर्क में भी है और दिल्ली उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार सभी संभव सहायता प्रदान की जा रही है।









