ISRO launches ‘Bahubali’ satellite : नई दिल्ली : इसरो ने देश का अब तक का सबसे भारी संचार उपग्रह सीएमएस-03 सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया है। इसे एलवीएम3-एम5 रॉकेट के जरिए अंतरिक्ष में भेजा गया। इसकी भारी भार वहन करने की क्षमता के कारण इस रॉकेट को ‘बाहुबली’ नाम दिया गया है। 4,410 किलोग्राम वजन वाला यह उपग्रह भारत की धरती से भू-समकालिक स्थानांतरण कक्षा (GTO) में भेजा गया अब तक का सबसे भारी सैटेलाइट है।
ISRO launches ‘Bahubali’ satellite : 24 घंटे चले काउंटडाउन के बाद शाम 5 बजकर 26 मिनट पर 43.5 मीटर लंबे एलवीएम3 रॉकेट ने उड़ान भरी। इसे चेन्नई से लगभग 135 किलोमीटर दूर दूसरे लॉन्च पैड से प्रक्षेपित किया गया। इसरो के मुताबिक, लगभग 16 से 20 मिनट की उड़ान के बाद रॉकेट 180 किलोमीटर की ऊंचाई पर सैटेलाइट से अलग हो गया।
ISRO launches ‘Bahubali’ satellite : एलवीएम3, यानी लॉन्च व्हीकल मार्क-3, इसरो का सबसे शक्तिशाली प्रक्षेपण यान है। इसका उपयोग 4,000 किलोग्राम तक वजन वाले अंतरिक्ष यानों को किफायती तरीके से GTO में स्थापित करने के लिए किया जाता है।
ISRO launches ‘Bahubali’ satellite : यह रॉकेट तीन चरणों वाला है — इसमें दो ठोस मोटर स्ट्रैप-ऑन बूस्टर (S200), एक द्रव प्रणोदक कोर चरण (L110) और एक क्रायोजेनिक चरण (C25) शामिल हैं। इसकी मदद से इसरो अब भारी संचार उपग्रहों को स्वयं प्रक्षेपित करने में पूरी तरह आत्मनिर्भर हो गया है। एलवीएम3 को वैज्ञानिक जीएसएलवी एमके-3 के नाम से भी जानते हैं।
ISRO launches ‘Bahubali’ satellite : सीएमएस-03 उपग्रह भारत के संचार और निगरानी नेटवर्क को और मजबूत करेगा, जिससे देश की अंतरिक्ष तकनीक और सुरक्षा क्षमताओं में एक नया अध्याय जुड़ गया है।











