CG Liquor Scam : रायपुर: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल इस घोटाले में मुख्य भूमिका निभाते नजर आ रहे हैं। ED ने हाल ही में कोर्ट में 7 हजार से अधिक पन्नों की पूरक चार्जशीट दाखिल की है, जिसमें चैतन्य द्वारा 1000 करोड़ रुपए से अधिक की राशि को मैनेज करने की बात सामने आई है।
CG Liquor Scam : चार्जशीट में दावा किया गया है कि चैतन्य इस पूरे सिंडिकेट का मास्टरमाइंड था और उसने करीब 200 करोड़ रुपए की सीधी कमाई की। वहीं, 850 करोड़ रुपए की राशि कांग्रेस के तत्कालीन कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल तक पहुंचाई गई।
CG Liquor Scam : बिग बॉस’ नामक वॉट्सऐप ग्रुप से चलता था सिंडिकेट
CG Liquor Scam : ED ने इस घोटाले में ‘बिग बॉस’ नाम का एक वॉट्सऐप ग्रुप भी उजागर किया है, जिसमें चैतन्य बघेल (उर्फ बिट्टू), अनवर ढेबर, अनिल टुटेजा, सौम्या चौरसिया और पुष्पक जैसे कई प्रभावशाली लोग जुड़े थे। इसी ग्रुप के माध्यम से करोड़ों रुपये की डीलिंग, ट्रांसफर और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े निर्देश दिए जाते थे। चार्जशीट में इस ग्रुप के स्क्रीनशॉट भी शामिल हैं, जिनमें कॉल डिटेल्स, पैसों के लेन-देन और नकली होलोग्राम से जुड़ी चर्चाएं दर्ज हैं।
CG Liquor Scam : पप्पू बंसल की गवाही से खुला बड़ा राज
CG Liquor Scam : दुर्ग-भिलाई के शराब कारोबारी लक्ष्मीनारायण उर्फ पप्पू बंसल ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उन्होंने और चैतन्य ने मिलकर 1000 करोड़ से अधिक कैश को मैनेज किया। यह पैसा अनवर ढेबर से दीपेन चावड़ा और फिर कांग्रेस नेताओं तक पहुंचाया गया। बंसल के अनुसार, तीन महीने के भीतर ही उन्हें 136 करोड़ रुपये नकद मिले थे।
CG Liquor Scam : रियल एस्टेट में ब्लैक मनी का निवेश
CG Liquor Scam : ED की जांच में यह भी सामने आया कि चैतन्य ने शराब से हुई कमाई को अपने रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स जैसे विठ्ठल ग्रीन प्रोजेक्ट और बघेल डेवलपर्स एंड एसोसिएट्स में निवेश किया। वास्तविक लागत 13-15 करोड़ थी, लेकिन दस्तावेजों में केवल 7.14 करोड़ दर्शाया गया। एक ठेकेदार को 4.2 करोड़ कैश में दिए गए, जो रजिस्टर में दर्ज नहीं थे। त्रिलोक सिंह ढिल्लों द्वारा खरीदे गए 19 फ्लैटों का भी भुगतान स्वयं चैतन्य द्वारा किया गया, जिसे मनी लॉन्ड्रिंग का हिस्सा माना गया।
CG Liquor Scam : भिलाई के ज्वेलर्स भी जांच के घेरे में
CG Liquor Scam : चार्जशीट में भिलाई के एक बड़े ज्वेलर का नाम भी सामने आया है, जिसने कथित तौर पर चैतन्य की कंपनी को 5 करोड़ रुपये नकद उधार दिए और बाद में सिर्फ 80 लाख में 6 प्लॉट खरीद लिए। ED ने इसे ब्लैक मनी को सफेद करने की साजिश बताया।
CG Liquor Scam : बचाव पक्ष का आरोप: गिरफ्तारी गैरकानूनी
CG Liquor Scam : चैतन्य बघेल के वकील फैजल रिजवी ने दावा किया कि ED की कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि चैतन्य ने जांच में पूरा सहयोग किया, लेकिन कभी भी बयान दर्ज नहीं किया गया। बिना समन और पूछताछ के गिरफ्तारी कर ली गई। उन्होंने यह भी कहा कि पप्पू बंसल का बयान आधार बनाकर गिरफ्तारी की गई, जबकि बंसल खुद फरार हैं।
CG Liquor Scam : पीएम मोदी का आरोप: चैतन्य ‘सुपर सीएम’
CG Liquor Scam : 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चैतन्य बघेल पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था कि भूपेश बघेल के बेटे ने ‘सुपर सीएम’ बनकर राज्य में कारोबारी साम्राज्य चला रखा था और जनता पर भारी आर्थिक बोझ डाला।
CG Liquor Scam : क्या है शराब घोटाले का पूरा मामला?
CG Liquor Scam : छत्तीसगढ़ में शराब घोटाले की जांच ED कर रही है। आरोप है कि साल 2019 में एक सिंडिकेट बनाया गया, जिसमें वरिष्ठ अधिकारी, डिस्टलरी मालिक और व्यापारी शामिल थे। शराब की बिक्री से होने वाली आय को तीन हिस्सों में बांटा गया – सरकारी राजस्व, कमीशन और सिंडिकेट का हिस्सा। नकली होलोग्राम, बिना शुल्क वाली डिलीवरी और रिकॉर्ड से बाहर कैश ट्रांजेक्शन के जरिए करोड़ों रुपये का गबन किया गया। EOW की शुरुआती जांच के अनुसार, तीन साल में करीब 60 लाख पेटी शराब अवैध रूप से बेची गई, जिससे हजारों करोड़ की कमाई हुई।
CG Liquor Scam : ED की ताज़ा चार्जशीट ने छत्तीसगढ़ के शराब घोटाले में कई नए चेहरों को बेनकाब किया है। वॉट्सऐप चैट्स, मोबाइल डेटा, गवाहों के बयान और संपत्तियों में निवेश जैसे सबूत चैतन्य बघेल की कथित संलिप्तता को लेकर गंभीर संकेत देते हैं। अब देखना यह होगा कि आने वाले समय में यह जांच किन और राजनीतिक या कारोबारी चेहरों को उजागर करती है।











