सिंगरौली। महान एल्युमिनियम में इंजीनियर्स डे 2025 उत्साह और गरिमा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर भारत रत्न सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया को याद किया गया, जिनकी दूरदर्शिता और योगदान आज भी इंजीनियरों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।
कार्यक्रम में क्विज़, रैपिड-फायर राउंड और पैनल चर्चा आयोजित की गईं। युवा इंजीनियरों—विशेषकर GETs और DETs—ने अपनी रचनात्मकता और उत्साह से माहौल को ऊर्जा से भर दिया।
इकाई प्रमुख एस. सेंथिल नाथ ने कहा कि इंजीनियर किसी भी औद्योगिक इकाई की रीढ़ होते हैं। पावर प्लांट हेड प्रांजल पाठक ने ऊर्जा उत्पादन में इंजीनियरों की निरंतर निगरानी और नवाचार की अहमियत बताई। स्मेल्टर हेड एस. शशिकुमार ने कहा कि एल्युमिनियम उत्पादन में इंजीनियरिंग कौशल संगठन की सबसे बड़ी पूंजी है। मानव संसाधन प्रमुख डॉ. विवेकानंद मिश्रा ने कहा कि इंजीनियर केवल तकनीक नहीं गढ़ते, बल्कि संगठन की कार्यसंस्कृति और विकास की दिशा भी तय करते हैं।
समारोह में उत्कृष्ट योगदान देने वाले इंजीनियरों को रिवार्ड एंड रिकग्निशन से सम्मानित किया गया। यह आयोजन मानव संसाधन विभाग द्वारा आयोजित किया गया और सफल संचालन प्रणव सोनी द्वारा किया गया।













