HomeInternationalबांग्लादेश चुनाव में BNP की बड़ी जीत, 20 साल बाद सत्ता में...

बांग्लादेश चुनाव में BNP की बड़ी जीत, 20 साल बाद सत्ता में वापसी तय, जमात-ए-इस्लामी पिछड़ी

Date:

Related stories

ढाका:  बांग्लादेश के ताजा संसदीय चुनावों में बांग्लादेश राष्ट्रवादी पार्टी (BNP) ने अपने पूर्व सहयोगी जमात-ए-इस्लामी पर निर्णायक बढ़त बनाते हुए सत्ता में वापसी की मजबूत स्थिति हासिल कर ली है। अगस्त 2024 में अवामी लीग सरकार के पतन के बाद बने अंतरिम शासन के स्थान पर हुए इस महत्वपूर्ण चुनाव की मतगणना गुरुवार देर रात तक जारी रही, जिसमें BNP गठबंधन को स्पष्ट बहुमत मिलता दिखाई दिया।

20 साल बाद सत्ता में वापसी की राह

अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, अनौपचारिक नतीजों में BNP गठबंधन ने 211 सीटों पर जीत दर्ज की है, जबकि जमात-ए-इस्लामी को लगभग 70 सीटें और अन्य दलों को सीमित सफलता मिली। कुल 299 निर्वाचन क्षेत्रों में से 287 की मतगणना पूरी हो चुकी है, जिससे BNP की जीत लगभग तय मानी जा रही है। अवामी लीग की अनुपस्थिति ने इस चुनाव को मुख्य रूप से BNP और जमात के बीच सीधा मुकाबला बना दिया।

Read More : आज से M.P बोर्ड की कक्षा 10वीं की परीक्षा शुरू, 9 लाख छात्र होंगे शामिल

तारिक रहमान की जीत से बढ़ी सियासी हलचल

BNP अध्यक्ष खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान ने अपने गृह जिले बोगुरा से निर्णायक जीत हासिल की। उन्हें दो लाख से अधिक वोट मिले, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी काफी पीछे रहे। पार्टी पहले ही संकेत दे चुकी है कि सत्ता में आने पर रहमान को प्रधानमंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है, जिससे अंतरिम सरकार का 18 महीने का कार्यकाल समाप्त हो जाएगा।

प्रमुख नेताओं की सीटों पर दिलचस्प मुकाबले

BNP महासचिव मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने भी अपने निर्वाचन क्षेत्र से स्पष्ट जीत दर्ज की, जबकि जमात के कई वरिष्ठ नेताओं को हार का सामना करना पड़ा। हालांकि ढाका की एक सीट पर जमात प्रमुख शफीकुर रहमान की जीत ने पार्टी को सीमित राजनीतिक संबल दिया है।

सुरक्षा व्यवस्था और जनमत संग्रह की अहमियत

13वें संसदीय चुनाव के साथ 84 सूत्रीय सुधार पैकेज पर जनमत संग्रह भी कराया गया, जिससे इस चुनाव की राजनीतिक अहमियत और बढ़ गई। मतदान के दौरान देशभर में लगभग 10 लाख सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए, जो बांग्लादेश के चुनावी इतिहास की सबसे बड़ी सुरक्षा व्यवस्था मानी जा रही है।

बदले समीकरणों के बीच नई सरकार की तैयारी

जमात-ए-इस्लामी, जिसने 1971 में बांग्लादेश की स्वतंत्रता का विरोध किया था, इस बार इस्लामी नेतृत्व वाली सरकार की उम्मीद कर रही थी, लेकिन चुनावी रुझानों ने BNP को स्पष्ट बढ़त दे दी। अब निगाहें आधिकारिक परिणामों और नई सरकार के गठन पर टिकी हैं, जो देश की आंतरिक राजनीति और क्षेत्रीय कूटनीति दोनों को प्रभावित कर सकती है।

Share The News

Subscribe

- Never miss a story with notifications

- Gain full access to our premium content

- Browse free from up to 5 devices at once

Latest stories

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here