Saturday, March 28, 2026
35.1 C
Raipur

Ladakh Siachen Base Camp : सियाचिन बेस कैंप पर हिमस्खलन, पेट्रोलिंग कर रहे तीन जवानों की शहादत

लेह/नई दिल्ली : लद्दाख के सियाचिन ग्लेशियर में हिमस्खलन की वजह से भारतीय सेना के तीन जवान शहीद हो गए हैं। इनमें दो अग्निवीर शामिल हैं। हिमस्खलन ने एक पोस्ट को पूरी तरह चपेट में ले लिया। तीनों जवान उस समय पेट्रोलिंग पर थे। घटना के तुरंत बाद सेना की बचाव टीमें सक्रिय हो गईं।

शहीद जवानों के नाम हैं सिपाही मोहित कुमार, अग्निवीर नीरज कुमार चौधरी और अग्निवीर डाभी राकेश देवभाई। ये सभी महार रेजीमेंट से थे और क्रमशः गुजरात, उत्तर प्रदेश और झारखंड के रहने वाले थे। पांच अन्य जवान हिमस्खलन में फंसे हुए हैं, जबकि एक कैप्टन को बचा लिया गया है।

Ladakh News: लद्दाख के सियाचिन में भीषण हिमस्खलन! 3 जवान शहीद, 12,000 फुट की ऊंचाई पर हुआ हादसा | Moneycontrol HindiRead News : CG NEWS: घरघोड़ा पुलिस की बड़ी कार्रवाई, तीन चोर गिरफ्तार – 50 हजार का माल बरामद, संगठित अपराध की धाराओं में भेजे गए रिमांड पर

सियाचिन दुनिया का सबसे ऊंचा युद्धक्षेत्र है, जहां सैनिक -60 डिग्री की ठंड, तेज हवाओं और बर्फीले खतरों का सामना करते हैं। सियाचिन में ऐसी घटनाएं सामान्य हैं। 1984 के ऑपरेशन मेघदूत के बाद अब तक 1,000 से अधिक सैनिक मौसम की वजह से शहीद हो चुके हैं।

सियाचिन बेस कैंप के पास एवलांच, दो अग्निवीर समेत सेना के तीन जवान शहीद - avalanche Siachen glacier Ladakh killed soldiers - AajTakबचाव कार्य

हिमस्खलन की खबर मिलते ही भारतीय सेना और वायुसेना ने तुरंत बचाव कार्य शुरू कर दिया। विशेषज्ञ अवलांच रेस्क्यू टीमें (ART) मौके पर पहुंचीं और लेह व उधमपुर से मदद ले रही हैं। सेना के हेलिकॉप्टर जैसे चीता और Mi-17 घायलों को निकालने और अस्पताल पहुंचाने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे हैं।

पिछली घटनाओं से सीखते हुए, सियाचिन में बुनियादी ढांचा मजबूत किया गया है। DRDO के ऑल-टेरेन व्हीकल (ATV) ब्रिज, डायनीमा रस्सियां और हेवी-लिफ्ट हेलिकॉप्टर जैसे चिनूक बचाव को आसान बनाते हैं। ISRO के टेलीमेडिसिन नोड्स और HAPO चैंबर्स ने चिकित्सा सुविधाएं बढ़ाई हैं।

Read News : Pitru Paksha 2025 : तृतीया और चतुर्थी का श्राद्ध कल, एक साथ दो तिथियों का होगा तर्पण

Siachen Avalanche: सियाचिन में भीषण हिमस्खलन, दो अग्निवीर समेत सेना के तीन जवान शहीद | 🇮🇳 LatestLY हिन्दीसियाचिन का रणनीतिक महत्व

सियाचिन ग्लेशियर 76 किलोमीटर लंबा है और कराकोरम रेंज में स्थित है। यह भारत और पाकिस्तान के बीच विवादित क्षेत्र है। 1984 में भारत ने ऑपरेशन मेघदूत के माध्यम से इस पर कब्जा किया। यह क्षेत्र रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह शक्सगाम घाटी (चीन को पाकिस्तान ने दी) और गिलगित-बाल्टिस्तान (पाकिस्तान के कब्जे में) के बीच दीवार की तरह स्थित है।

हालांकि, सियाचिन में सैनिकों का सबसे बड़ा दुश्मन मौसम है। 1984 से अब तक 870 से अधिक जवान मौसम, हिमस्खलन और अन्य कारणों से शहीद हो चुके हैं, जबकि युद्ध में नुकसान अपेक्षाकृत कम रहा है।

Share The News

Unable to load videos.

Popular News

Raipur Police Commissioner: IPS डॉ. संजीव शुक्ला ने संभाला पुलिस आयुक्त का पदभार… जानिए क्या कुछ कहा

Raipur Police Commissioner:रायपुर : रायपुर पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली के...

CG Transfer Breaking : वाणिज्यिक कर विभाग में बड़ा फेरबदल, 21 कर्मचारियों का तबादला

CG Transfer Breaking :रायपुर। राज्य शासन के वाणिज्यिक कर...

IPL 2026 से पहले CSK को बड़ा झटका! काफ स्ट्रेन के चलते धोनी बाहर… सकते में फैंस

निशानेबाज न्यूज़ डेस्क :  इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026...

Related Articles

Popular Categories