Stock : एक ही स्टॉक में तेजी, बाकी सभी गिरावट में; जानिए गिरावट की मुख्य वजहें
नई दिल्ली | भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को भारी गिरावट देखी गई, जिससे निवेशकों में हड़कंप मच गया। बीएसई सेंसेक्स 721 अंकों की बड़ी गिरावट के साथ 81,463 पर बंद हुआ, वहीं एनएसई निफ्टी 225 अंक लुढ़क कर 24,837 पर पहुंच गया।
सिर्फ एक स्टॉक में तेजी : सेंसेक्स के टॉप 30 स्टॉक्स में से केवल सन फार्मा का शेयर बढ़त में रहा, बाकी सभी कंपनियों के शेयर लाल निशान में बंद हुए। बजाज फाइनेंस के शेयर में सबसे अधिक 4.65% की गिरावट दर्ज की गई। टेक महिंद्रा, इन्फोसिस, और पावर ग्रिड के शेयरों में भी 2% से अधिक की गिरावट देखी गई।
निवेशकों को हुआ भारी नुकसान
शेयर बाजार की इस गिरावट का सीधा असर निवेशकों की पूंजी पर पड़ा है। बीएसई का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन 4.75 लाख करोड़ रुपये घटकर 453.35 लाख करोड़ रुपये रह गया।
सेक्टोरियल प्रदर्शन पर नजर डालें तो:
- मीडिया सेक्टर: 2.61% गिरावट
- आईटी सेक्टर: 1.42% गिरावट
- ऑटो सेक्टर: 1.4% गिरावट
- मेटल सेक्टर: 1% से अधिक गिरावट
- सिर्फ फार्मा सेक्टर ही हरे निशान पर बंद हुआ
गिरावट की मुख्य वजहें
1. विदेशी निवेशकों की बिकवाली:
FII (Foreign Institutional Investors) ने बीते चार कारोबारी दिनों में भारतीय शेयर बाजार से 11,572 करोड़ रुपये की बिकवाली की है।
2. अमेरिका-भारत व्यापार बातचीत अधर में:
भारत और अमेरिका के बीच संभावित अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर स्पष्टता न होने के कारण बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है।
3. UK के साथ FTA पर संदेह:
हालांकि भारत और ब्रिटेन के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर हस्ताक्षर हो चुके हैं, लेकिन निवेशकों को इससे तात्कालिक लाभ की उम्मीद नहीं दिख रही है। इसलिए इसका सकारात्मक असर बाजार पर नहीं पड़ा।
4. वित्तीय क्षेत्र पर गहरा असर:
निफ्टी सर्विस इंडेक्स में 1% से अधिक गिरावट आई।
- बजाज फाइनेंस: 5.5% गिरावट
- बजाज फिनसर्व: 4.5% गिरावट
- एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक, कोटक बैंक: 1% के आसपास गिरावट
जिन शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट :
| कंपनी का नाम | गिरावट (%) |
|---|---|
| Apollo Tube | 8.50 |
| Swan Energy | 7.00 |
| KFin Tech | 5.52 |
| Nuvama Wealth | 5.20 |
| Adani Green Energy | 4.39 |
| Sona BLW Precision | 4.34 |
| BHEL | 4.34 |
| Bajaj Finance | 4.71 |
बाजार विशेषज्ञों की राय
विशेषज्ञों के अनुसार, जब तक विदेशी निवेशकों की बिकवाली थमती नहीं और वैश्विक अनिश्चितताओं पर स्पष्टता नहीं आती, तब तक भारतीय बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी है कि निकट भविष्य में और गिरावट संभव है।









