Chandranath Rath Murder Case : बारासात/कोलकाता। पश्चिम बंगाल के कद्दावर नेता सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक (PA) चंद्रनाथ रथ की हत्या मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार, हमलावरों ने चंद्रनाथ रथ पर 7.6 बोर की सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल से करीब से फायरिंग की थी। उनके शरीर में तीन गोलियां लगी थीं, जिसने उनके हृदय (हार्ट) को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया।
अत्यधिक रक्तस्राव और मल्टी-ऑर्गन फेल्योर मेडिकल सूत्रों के अनुसार, गोलियां लगने के बाद चंद्रनाथ के शरीर से अत्यधिक मात्रा में खून बह गया। अस्पताल ले जाने में हुई देरी के कारण उनकी स्थिति बिगड़ती गई और अंततः मल्टी-ऑर्गन फेल्योर उनकी मौत का मुख्य कारण बना। गुरुवार को बारासात अस्पताल में पोस्टमार्टम प्रक्रिया पूरी होने के बाद भारी सुरक्षा के बीच उनके शव को परिजनों को सौंप दिया गया है। अस्पताल परिसर में बढ़ती भीड़ को देखते हुए राज्य पुलिस के साथ केंद्रीय बलों की भी तैनाती की गई है।
SIT और CID ने संभाली जांच की कमान इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने के लिए राज्य सरकार ने एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है, जिसमें सीआईडी (CID) के आला अधिकारी भी शामिल हैं। पुलिस ने मौके से एक संदिग्ध चार पहिया वाहन जब्त किया है, जिस पर सिलीगुड़ी की नंबर प्लेट लगी है, हालांकि पुलिस को शक है कि यह प्लेट फर्जी है। फॉरेंसिक टीम ने उस कार के नमूने भी लिए हैं जिसमें चंद्रनाथ सफर कर रहे थे।
ड्राइवर की हालत गंभीर बुधवार रात मध्यमग्राम के दोहड़िया में हुए इस हमले के दौरान चंद्रनाथ के ड्राइवर बुद्धदेव भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें कोलकाता के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनकी हालत अभी भी चिंताजनक बनी हुई है। घटना स्थल पर बीएसएफ (BSF) के डीजी प्रवीण कुमार और कार्यवाहक राज्य पुलिस डीजी सिद्धनाथ गुप्ता ने भी दौरा कर साक्ष्य जुटाने के निर्देश दिए हैं।









