Interstate Fraud Syndicate Busted in Raipur: रायपुर। रायपुर पुलिस ने व्यापार विस्तार और भारी-भरकम फंड दिलाने का झांसा देकर ₹1.13 करोड़ रुपये की वित्तीय धोखाधड़ी करने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस की विशेष टीम ने मामले में कार्रवाई करते हुए गिरोह की दो मुख्य महिला आरोपियों को महाराष्ट्र के नागपुर से गिरफ्तार कर लिया है।
पकड़ी गई महिलाओं ने खुद को बड़े विदेशी निवेशकों और वित्तीय कंपनियों का प्रतिनिधि बताकर एक निजी कंपनी के डायरेक्टर से ठगी की वारदात को अंजाम दिया था।
45 करोड़ के फंड का झांसा देकर की 1.13 करोड़ की ठगी
मामले का खुलासा तब हुआ जब बालोद जिले के ग्राम बोरिदकला निवासी उमेश कुमार सिन्हा (डायरेक्टर, ‘सालिक ग्रीन रिन्यूएबल एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड’) ने तेलीबांधा पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई।
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निवेश की आवश्यकता: पीड़ित कारोबारी को अपनी कंपनी के विस्तार और नए ग्रीन एनर्जी प्लांट की स्थापना के लिए लगभग ₹45 करोड़ के बड़े निवेश की जरूरत थी।
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ठगों का जाल: बिचौलिए राकेश कौशिक के जरिए पीड़ित की मुलाकात दीपक सिंह, अभिषेक सिंह, योगी और अन्य आरोपियों से हुई। आरोपियों ने विदेशी निवेशकों और प्रभावशाली तंत्र का हवाला देकर ₹45 करोड़ का फंड मंजूर कराने का दावा किया और फाइल चार्ज, प्रोसेसिंग फीस व कमीशन के नाम पर कुल ₹1.13 करोड़ रुपये ऐंठ लिए।
नागपुर से पकड़ी गई 15 साल पुराने गिरोह की सदस्य महिलाएं
मामले में तेलीबांधा पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने तकनीकी सर्विलांस की मदद से दबिश देकर दो मुख्य महिला आरोपियों को गिरफ्तार किया:
| क्र. | आरोपी का नाम व पहचान | मूल निवास | कानूनी स्थिति / कार्रवाई |
| 1 | कनिज फातमा उर्फ भावना पांडेय | कोलकाता (पश्चिम बंगाल) | नागपुर से गिरफ्तार (ट्रांजिट रिमांड पर) |
| 2 | दीपिका पालीवाल | उदयपुर (राजस्थान) | नागपुर से गिरफ्तार (ट्रांजिट रिमांड पर) |
पुलिस जांच में पता चला है कि यह गिरोह पिछले 15 वर्षों से सक्रिय है और नागपुर, लखनऊ, मुंबई तथा दिल्ली समेत देश के कई बड़े राज्यों में फर्जी निवेश का झांसा देकर करोड़ों रुपये की ठगी की वारदातों को अंजाम दे चुका है।
फरार पुरुष सदस्यों की तलाश जारी
रायपुर पुलिस के अनुसार, गिरोह के अन्य सदस्यों (दीपक सिंह, अभिषेक सिंह, योगी आदि) के संभावित ठिकानों पर पुलिस टीमें छापेमारी कर रही हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान वित्तीय संस्थान या बिचौलिए के जरिए भारी-भरकम लोन व फंड प्राप्त करने के दावों पर बिना गहन जांच के भरोसा न करें।




