झारखंड में 12वें दिन भी नहीं थमा छात्र आंदोलन, अब 7 अगस्त को विधानसभा मार्च का ऐलान, दबाव में हेमंत सरकार

Rahul Goshwami

Jharkhand Students Protest: झारखंड छात्र आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के विरोध में शुरू हुआ झारखंड छात्र आंदोलन अब 12वें दिन में पहुंच गया है। रांची में धरना और सत्याग्रह जारी है, जबकि छात्र संगठनों ने अब 7 अगस्त को विधानसभा मार्च निकालने का फैसला किया है। इस कदम से राज्य सरकार पर दबाव और बढ़ने की संभावना है।

झारखंड छात्र आंदोलन से जुड़े संगठनों का कहना है कि यदि सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को लेकर जल्द ठोस निर्णय नहीं लिया तो हजारों छात्र विधानसभा की ओर शांतिपूर्ण मार्च करेंगे। पहले यह कार्यक्रम 10 अगस्त को प्रस्तावित था, लेकिन आंदोलन की गति को देखते हुए इसे 7 अगस्त कर दिया गया है।

भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि झारखंड छात्र आंदोलन का उद्देश्य किसी राजनीतिक दल का समर्थन या विरोध नहीं है। उनका कहना है कि भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए और कथित अनियमितताओं की जांच केंद्रीय जांच एजेंसी (CBI) से कराई जाए। छात्रों का मानना है कि निष्पक्ष जांच से ही युवाओं का भरोसा बहाल हो सकेगा।

भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता की बिगड़ी तबीयत
झारखंड छात्र आंदोलन का नेतृत्व कर रहे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। लंबे समय से भोजन नहीं लेने के कारण उनकी तबीयत बिगड़ने की खबर सामने आई है। डॉक्टर लगातार उनके स्वास्थ्य की निगरानी कर रहे हैं। महतो का कहना है कि जब तक छात्रों की मांगों पर स्पष्ट और ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दिया भरोसा
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड छात्र आंदोलन को लेकर कहा है कि सरकार छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से देख रही है। उन्होंने बताया कि संबंधित एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं और जांच पूरी होने के बाद तथ्यों के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
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सरकार पर बढ़ रहा दबाव
लगातार बढ़ते झारखंड छात्र आंदोलन के कारण सरकार पर दबाव बढ़ता जा रहा है। छात्र संगठनों का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर समय रहते निर्णय नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। उनका दावा है कि विधानसभा मार्च पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा, लेकिन भर्ती व्यवस्था में सुधार और जवाबदेही की मांग से वे पीछे नहीं हटेंगे।

अब सरकार के अगले कदम पर नजर
फिलहाल पूरे राज्य की नजर झारखंड छात्र आंदोलन और सरकार की अगली रणनीति पर टिकी हुई है। 7 अगस्त के प्रस्तावित विधानसभा मार्च से पहले सरकार कोई बड़ा फैसला लेती है या नहीं, यह आने वाले दिनों में साफ होगा। वहीं छात्र संगठनों ने संकेत दिए हैं कि मांगें पूरी नहीं होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

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