Indore Road Accident: इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में तेज रफ्तार ने एक बार फिर बड़ा हादसा करा दिया। एरोड्रम थाना क्षेत्र के नगीना नगर में घर के बाहर साइकिल चला रहे 13 वर्षीय हर्ष नामदेव को तेज गति से आ रही एक बाइक ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि मासूम हवा में उछलकर कई फीट दूर सड़क पर जा गिरा। पूरी घटना इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
पलक झपकते हुआ हादसा, CCTV में कैद हुई पूरी घटना
सामने आए सीसीटीवी फुटेज में दिखाई देता है कि हर्ष अपने घर के बाहर सामान्य रूप से साइकिल चला रहा था। तभी तेज रफ्तार से आ रही बाइक ने उसे सामने से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही बच्चा कई फीट दूर उछलकर सड़क पर गिर पड़ा।
हादसा इतना अचानक हुआ कि आसपास मौजूद लोग कुछ पल के लिए समझ ही नहीं पाए कि आखिर हुआ क्या है। कुछ ही सेकंड में लोग दौड़कर मौके पर पहुंचे और घायल बच्चे की मदद शुरू कर दी।
गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती
Indore Road Accident: हादसे में हर्ष नामदेव को गंभीर चोटें आई हैं। स्थानीय लोगों और बाइक चालक ने घायल बच्चे को तत्काल नजदीकी निजी अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज जारी है। फिलहाल उसकी हालत पर लगातार नजर रखी जा रही है।
हादसे के बाद इलाके में मचा हड़कंप
घटना के बाद नगीना नगर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए। स्थानीय लोगों ने रिहायशी इलाकों में तेज रफ्तार से वाहन चलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते ऐसे वाहन चालकों पर लगाम नहीं लगाई गई तो भविष्य में और भी गंभीर हादसे हो सकते हैं।
पुलिस ने बाइक चालक के खिलाफ दर्ज किया मामला
Indore Road Accident: घटना की सूचना मिलते ही एरोड्रम थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने बाइक चालक के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने का मामला दर्ज कर लिया है।
सीसीटीवी फुटेज को जांच का अहम साक्ष्य बनाया गया है। पुलिस का कहना है कि दुर्घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
रफ्तार बन रही जानलेवा
शहर में लगातार सामने आ रहे सड़क हादसे एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर रहे हैं कि रिहायशी इलाकों में तेज रफ्तार वाहनों पर प्रभावी नियंत्रण कब होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी कॉलोनियों में स्पीड लिमिट का सख्ती से पालन और नियमित निगरानी ही इस तरह के हादसों को रोक सकती है।







