CBSE Free Courses: सीबीएसई बोर्ड ने लॉन्च किए 19 एडवांस कोर्स, हिंदी-इंग्लिश दोनों में उपलब्ध

CBSE Free Courses: रायपुर: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने स्कूली छात्रों को आधुनिक युग की मांग के अनुसार तैयार करने के लिए एक बेहद क्रांतिकारी और ऐतिहासिक कदम उठाया है। सीबीएसई ने कक्षा 8वीं से लेकर 12वीं तक के विद्यार्थियों को मॉडर्न टेक्नोलॉजी से जोड़ने और उनकी डिजिटल स्किल्स को अपग्रेड करने के उद्देश्य से 19 एडवांस ऑनलाइन कोर्स लॉन्च किए हैं। सबसे खास बात यह है कि इन कोर्सेस के लिए छात्रों को किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं देना होगा, ये सभी कोर्सेस छात्रों के लिए पूरी तरह से मुफ्त (फ्री) संचालित किए जाएंगे। इसके लिए सीबीएसई बोर्ड ने बाकायदा फ्री कोर्सेस की पूरी सूची भी अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर जारी कर दी है।

हजारों की फीस वाले हाई-टेक सब्जेक्ट्स अब बिल्कुल फ्री

आमतौर पर किसी भी निजी संस्थान, कंप्यूटर सेंटर या कोचिंग इंस्टीट्यूट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), पायथन प्रोग्रामिंग, कोडिंग और साइबर सिक्योरिटी जैसे आधुनिक विषयों को सीखने के लिए विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को हजारों रुपये की भारी-भरकम फीस चुकानी पड़ती है। लेकिन सीबीएसई की इस बेहतरीन पहल के बाद अब बोर्ड से मान्यता प्राप्त स्कूलों के छात्र बिना कोई अतिरिक्त पैसे खर्च किए, घर बैठे ही इन हाई-टेक और डिमांडिंग विषयों की पढ़ाई कर सकेंगे। बोर्ड ने देश भर के सभी संबद्ध स्कूलों को कड़े निर्देश जारी किए हैं कि वे इस कल्याणकारी योजना की जानकारी प्रत्येक बच्चे और उनके माता-पिता तक अनिवार्य रूप से पहुंचाएं। इन पाठ्यक्रमों को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि ये बच्चों की रोजमर्रा की स्कूली पढ़ाई और परीक्षाओं को प्रभावित किए बिना उनकी डिजिटल समझ को मजबूत करेंगे।

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड आईटी (NIELIT) का मिला साथ

सीबीएसई ने इन विश्वस्तरीय पाठ्यक्रमों को छात्रों तक सुलभ बनाने के लिए ‘नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी’ (NIELIT) के साथ महत्वपूर्ण साझेदारी की है। ये सभी 19 कोर्सेस इस संस्थान के डिजिटल यूनिवर्सिटी प्लेटफॉर्म पर होस्ट किए जा रहे हैं। सीबीएसई बोर्ड का मुख्य विजन यह है कि जब उनके स्टूडेंट्स स्कूल की पढ़ाई पूरी करके कॉलेज या किसी प्रोफेशनल कॉर्पोरेट दुनिया में कदम रखें, तो उन्हें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस या कोडिंग जैसी चीजें बिल्कुल नई और अजनबी न लगें। वे इन तकनीकों में पहले से ही पारंगत हों, ताकि करियर की रेस में उन्हें दूसरों के मुकाबले बेहतर और सीधा फायदा मिल सके।

भाषा का बंधन खत्म: हिंदी और इंग्लिश दोनों में पढ़ाई की सुविधा

सीबीएसई ने छात्रों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए इस लिस्ट में बेसिक लेवल से लेकर एडवांस लेवल तक के कोर्सेस को जगह दी है। भाषा की बाधा के कारण किसी भी बच्चे की तकनीकी पढ़ाई न रुके, इसके लिए कई महत्वपूर्ण कोर्सेस को हिंदी और अंग्रेजी दोनों ही भाषाओं में उपलब्ध कराया गया है। यह पूरा प्रोग्राम बेहद लचीला (फ्लेक्सिबल) है, यानी छात्रों को कंप्यूटर या लैपटॉप के सामने किसी तय समय पर बैठने की कोई पाबंदी नहीं होगी। छात्र अपनी सुविधा के अनुसार दिन या रात में जब चाहें, लॉग-इन करके अपनी पढ़ाई पूरी कर सकते हैं।

इन कोर्सेस की अवधि भी उनके टॉपिक की जटिलता के हिसाब से तय की गई है। जहां कुछ बेसिक ओरिएंटेशन कोर्स महज 15 घंटे के हैं (जिन्हें छात्र अपनी लगन से एक ही दिन में पूरा कर सकते हैं), वहीं जो छात्र गहराई से कोडिंग, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट या वेब डिजाइनिंग सीखना चाहते हैं, उनके लिए 100 घंटे से भी ज्यादा की अवधि वाले विस्तृत और एडवांस कोर्स भी उपलब्ध हैं। कोर्स पूरा होने के बाद छात्रों को इसके सर्टिफिकेट भी प्रदान किए जाएंगे जो उनके भविष्य के लिए बेहद उपयोगी साबित होंगे।

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