POCSO Act Case in Raigarh: गौरी शंकर गुप्ता/रायगढ़: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) श्री शशि मोहन सिंह के मार्गदर्शन में महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा के लिए विशेष रूप से संचालित “अभियान संवेदना” को एक और बड़ी सफलता मिली है। कोतरारोड़ थाना पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों का सहारा लेते हुए विगत फरवरी माह से गुम एक 15 वर्षीय नाबालिग बालिका को बिलासपुर जिले के सीपत क्षेत्र से सकुशल बरामद कर लिया है। इसके साथ ही, बालिका को शादी का झूठा झांसा देकर भगाने और उसका शारीरिक शोषण करने वाले आरोपी को पुलिस ने पॉक्सो एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
स्कूल जाने के लिए निकली थी, फिर नहीं लौटी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस पूरे मामले की शुरुआत 11 फरवरी 2026 को हुई थी, जब कोतरारोड़ थाना क्षेत्र की रहने वाली पीड़िता की मां ने थाने में अपनी 15 वर्ष 11 माह की नाबालिग बेटी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। परिजनों ने बताया था कि उनकी बेटी सुबह हमेशा की तरह स्कूल जाने के लिए घर से निकली थी, लेकिन वह स्कूल नहीं पहुंची। शाम को जब स्कूल प्रबंधन की ओर से फोन आया, तब परिजनों को उसके गायब होने का पता चला। रिश्तेदारों और सभी संभावित ठिकानों पर तलाश करने के बाद भी जब उसका कोई सुराग नहीं मिला, तो परिजनों ने किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा बहला-फुसलाकर भगा ले जाने की आशंका जताई। शिकायत पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137(2) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की थी।
मोबाइल लोकेशन ने खोला राज, बिलासपुर में दबिश
गुम बालिका की खोजबीन के लिए कोतरारोड़ थाना प्रभारी निरीक्षक शील आदित्य सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। डीएसपी सुशांतो बनर्जी के कुशल मार्गदर्शन में टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और संदेही के मोबाइल लोकेशन का सूक्ष्म विश्लेषण किया। इस दौरान संदेही सूरज कुमार साहू की लोकेशन बिलासपुर जिले के थाना सीपत क्षेत्र में पाई गई। कोतरारोड़ पुलिस की टीम ने बिना वक्त गंवाए बिलासपुर में दबिश दी और बालिका के माता-पिता की मौजूदगी में आरोपी के चंगुल से नाबालिग को सकुशल बरामद कर लिया।
पॉक्सो एक्ट और बीएनएस के तहत दर्ज हुआ केस
रायगढ़ लाकर महिला पुलिस अधिकारी उप निरीक्षक कुसुम कैवर्त द्वारा पीड़िता का विधिक कथन दर्ज किया गया। पीड़िता ने अपने बयान में खुलासा किया कि आरोपी सूरज कुमार साहू को उसके नाबालिग होने की पूरी जानकारी थी, इसके बावजूद वह उसे शादी का प्रलोभन देकर अपने साथ बहला-फुसलाकर ले गया और उसके साथ लगातार शारीरिक संबंध बनाता रहा।
पीड़िता के इस बयान के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 87, 65(1) और पॉक्सो एक्ट की धारा 4 व 6 को जोड़ा। पर्याप्त साक्ष्य संकलित करने के बाद पुलिस ने आरोपी सूरज कुमार साहू (पिता हेतराम साहू, उम्र 27 वर्ष, निवासी पकरिया भाठापारा, थाना अकलतरा, जिला जांजगीर-चांपा) को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
इस पूरी सफल रेस्क्यू और गिरफ्तारी कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक शील आदित्य सिंह, प्रधान आरक्षक बाबूलाल पटेल, आरक्षक चन्द्रेश पांडे और महिला आरक्षक दोरथिया किण्डो की मुख्य भूमिका रही। आवश्यक विधिक औपचारिकताएं पूर्ण करने के बाद सकुशल बरामद हुई बालिका को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है।







