Ratlam News: रतलाम जिले में प्रस्तावित औद्योगिक परियोजना को लेकर चल रहा ग्रामीणों का विरोध शुक्रवार को अचानक बेहद उग्र और हिंसक रूप में बदल गया, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में तनाव, अफरा-तफरी और दहशत का माहौल फैल गया। यह पूरा घटनाक्रम पलसोड़ी गांव और आसपास के क्षेत्रों में सामने आया, जहां पुलिस और ग्रामीणों के बीच सीधा टकराव हो गया।
Ratlam News: जानकारी के अनुसार, प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम भारी पुलिस बल के साथ गांव में अतिक्रमण हटाने और प्रस्तावित निवेश क्षेत्र से जुड़ी आगे की कार्रवाई के लिए पहुंची थी। जैसे ही यह सूचना ग्रामीणों तक पहुंची, बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हो गए और उन्होंने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। देखते ही देखते यह विरोध तेज होता गया और स्थिति नियंत्रण से बाहर होने लगी।
Ratlam News: ग्रामीणों का आरोप है कि सरकार द्वारा प्रस्तावित औद्योगिक निवेश क्षेत्र में लगभग पांच गांवों की करीब 1700 हेक्टेयर कृषि भूमि को शामिल किया जा रहा है, जिससे उनकी खेती की जमीन, घरों और आजीविका पर सीधा और गंभीर असर पड़ेगा। इसी कारण ग्रामीण लंबे समय से इस परियोजना का विरोध कर रहे हैं और इसे अपनी जमीन और भविष्य पर खतरा बता रहे हैं।
Ratlam News: शुक्रवार को जब प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची, तो शुरुआत में माहौल तनावपूर्ण रहा, लेकिन कुछ ही देर में भीड़ अचानक उग्र हो गई और पुलिस टीम पर पत्थरबाजी शुरू कर दी गई। देखते ही देखते हालात पूरी तरह बेकाबू हो गए और पूरे गांव में भगदड़ और दहशत फैल गई।
Ratlam News: इस हिंसक झड़प में एक महिला पुलिसकर्मी सहित दो पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। घटना के बाद पुलिस ने स्थिति को संभालने का प्रयास किया, लेकिन भीड़ लगातार आक्रामक होती गई।
Ratlam News: हालात को नियंत्रण में करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए। इसके बाद धीरे-धीरे स्थिति पर काबू पाया गया, लेकिन क्षेत्र में तनाव बना रहा।
Ratlam News: घटना के बाद पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है और पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। किसी भी प्रकार की नई हिंसा या अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
Ratlam News: फिलहाल पलसोड़ी और आसपास के गांवों में तनाव का माहौल है और प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। वहीं, ग्रामीणों और प्रशासन के बीच इस विवाद का समाधान अभी भी एक बड़ी चुनौती बना हुआ है, क्योंकि स्थानीय लोग अपनी जमीन बचाने की मांग पर अड़े हुए हैं।









