Shajapur Road Construction: नितिन परमार\ शाजापुर। शहर में चल रहे शहरी हाईवे चौड़ीकरण कार्य के बीच निर्माण गुणवत्ता को लेकर एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। धोबी चौराहा क्षेत्र में एक कॉलोनी को मुख्य मार्ग से जोड़ने के लिए नाली के ऊपर बनाया गया सीसी स्लैब एक ट्रैक्टर के गुजरते ही टूट गया। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और उसकी निगरानी पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
कॉलोनी के लिए बनाया गया था आवागमन मार्ग
Shajapur Road Construction: हाईवे चौड़ीकरण परियोजना के तहत सड़क निर्माण कंपनी द्वारा सड़क के दोनों ओर नालियों का निर्माण किया जा रहा है। इसी दौरान धोबी चौराहा के पास स्थित एक कॉलोनी के लोगों की आवाजाही बनाए रखने के लिए नाली के ऊपर सीसी स्लैब डालकर अस्थायी मार्ग तैयार किया गया था। बुधवार दोपहर एक ट्रैक्टर के वहां से गुजरने के दौरान यह स्लैब अचानक टूट गया और निर्माण की मजबूती पर सवाल खड़े हो गए।
स्थानीय लोगों ने उठाए निर्माण गुणवत्ता पर सवाल
Shajapur Road Construction: घटना के बाद क्षेत्र के रहवासियों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता मानकों की अनदेखी की जा रही है। लोगों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुसार किया गया होता तो वह सामान्य भार आसानी से सहन कर सकता था। एक ट्रैक्टर के गुजरते ही स्लैब का टूट जाना निर्माण की गुणवत्ता पर संदेह पैदा करता है।
पीडब्ल्यूडी की निगरानी पर भी उठे प्रश्न
Shajapur Road Construction: स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और उसकी नियमित निगरानी की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग (PWD) की भी होती है। ऐसे में सवाल यह है कि विभागीय निगरानी के बावजूद इतना कमजोर निर्माण कैसे तैयार हो गया, जो सामान्य भार तक नहीं झेल पाया।
निर्माण कंपनी ने दी सफाई
Shajapur Road Construction: घटना के बाद निर्माण कंपनी की ओर से बताया गया कि कॉलोनी को जोड़ने के लिए नाली पर अस्थायी ब्रिज बनाकर रास्ता दिया गया था। भारी वाहन के गुजरने से उसका एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। कंपनी का कहना है कि अब वहां पाइप डालकर अधिक मजबूत और स्थायी व्यवस्था बनाई जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति न बने।
जांच और कार्रवाई की मांग
Shajapur Road Construction: घटना के बाद स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कराने और जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वहीं अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित विभाग इस मामले में क्या कदम उठाता है और भविष्य में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए क्या व्यवस्था की जाती है।









