Gwalior Crores Theft Case: ग्वालियर। ग्वालियर जिला पुलिस के हाथ एक बहुत बड़ी कामयाबी लगी है। शहर के इंदरगंज थाना पुलिस ने एक सूने मकान में करोड़ों रुपये की चोरी की वारदात को अंजाम देने वाले अंतरजिला शातिर चोर गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए दो और मुख्य सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है। इस गैंग ने पुलिस को चकमा देने के लिए चोरी का बेशकीमती माल पनिहार टोल प्लाजा के पास गहरे जंगलों में गड्ढा खोदकर और पत्थरों के नीचे छुपा दिया था। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर 87 लाख रुपये से अधिक कीमत की सोने-चांदी की पक्की ईंटें, जेवरात और चोरी के पैसों से ऐश-ओ-आराम के लिए खरीदी गई एक आई-20 (i20) कार बरामद की है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में पुलिस अब तक कुल 5 आरोपियों को दबोचकर एक करोड़ से अधिक की जब्ती कर चुकी है।
बृज विहार कॉलोनी में 5 मई को हुई थी वारदात, मुखबिर की सूचना पर टूटी गैंग
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस पूरे मामले की शुरुआत बीते 5 मई 2026 को हुई थी, जब इंदरगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली बृज विहार कॉलोनी निवासी फरियादी अजय शंकर मित्तल के सूने घर का ताला तोड़कर अज्ञात चोरों ने धावा बोला था। चोर घर की अलमारी में रखी सोने-चांदी की भारी ईंटें और पुश्तैनी जेवर समेट ले गए थे। मित्तल की रिपोर्ट पर पुलिस ने तत्काल अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर तफ्तीश शुरू की। जांच के दौरान पुलिस के मुखबिर तंत्र से एक पुख्ता इनपुट मिला, जिसके आधार पर घेराबंदी कर पुलिस ने गिरोह के मुख्य मास्टरमाइंड फरमान खान और उसके साथी विवेक प्रजापति को दबोच लिया। दोनों ने कड़ाई से की गई पूछताछ में अपने दो अन्य साथियों आकाश माहौर और एक बाल अपचारी (नाबालिग) के साथ मिलकर चोरी की इस बड़ी घटना को अंजाम देना कुबूल किया।
जंगल के भीतर पत्थरों के नीचे दबा था माल, कार भी हुई जब्त
आरोपियों की निशानदेही पर जब इंदरगंज पुलिस पनिहार टोल के पास बीहड़ जंगल में पहुंची, तो वहां का नजारा देखकर चौंक गई। जमीन में गड्ढा खोदकर पत्थरों के नीचे भारी मात्रा में चांदी और सोना दबाया गया था। पुलिस ने वहां से 12 किलो 500 ग्राम चांदी (जिसमें 5 किलो की चांदी की ईंट, 6 किलो के दो टुकड़े और 1.5 किलो की चांदी की प्लेट शामिल है, कुल कीमत 37.50 लाख) बरामद की। इसके साथ ही 200 ग्राम सोने का ब्रेड नुमा टुकड़ा (कीमत करीब 32 लाख) और 50 ग्राम सोने की चूड़ियां (कीमत 7.50 लाख) बरामद की गईं। मास्टरमाइंड फरमान खान ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि उसने चोरी के कुछ गहने बेचकर मिले पैसों में से 5 लाख रुपये नगद देकर शिवपुरी लिंक रोड स्थित रॉयल कार बाजार से एक आई-20 कार खरीदी थी, जिसे पुलिस ने कंपू नेहरू पार्क पार्किंग से जब्त कर लिया है।
महंगे शौक पूरा करने के लिए वारदात, अन्य मामलों के लिए पुलिस रिमांड पर आरोपी
ग्वालियर की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) अनु बेनीबाल ने इस बड़ी सफलता की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस इस मामले में पहले ही गिरोह के सदस्य आकाश माहौर, एक बाल अपचारी और चोरी का माल खरीदने वाले सराफा कारोबारी विशाल सोनी को गिरफ्तार कर चुकी थी, जिनसे 7 लाख 26 हजार का माल मिला था। एएसपी अनु बेनीबाल के मुताबिक, पकड़े गए मुख्य आरोपी फरमान, विवेक और आकाश शातिर किस्म के अपराधी हैं और इन पर पहले से भी चोरी के कई संगीन मामले दर्ज हैं। यह गिरोह अपने महंगे शौक और नशों को पूरा करने के लिए केवल सूने मकानों की रेकी कर उन्हें निशाना बनाता था। फिलहाल, इंदरगंज पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया है, जिससे शहर में हुई अन्य बड़ी चोरियों और कड़े नेटवर्क के खुलासे की उम्मीद जताई जा रही है।









