Gwalior Chetakpuri Road: ग्वालियर। ग्वालियर शहर के पॉश और व्यस्ततम इलाकों में शुमार चेतकपुरी मार्ग पर एक बार फिर सड़क निर्माण और प्रशासनिक दावों की पोल खुल गई है। आगामी मानसून की औपचारिक दस्तक से पहले ही यहाँ की मुख्य सड़क अचानक बीचों-बीच ताश के पत्तों की तरह धंस गई। यह गड्ढा कोई सामान्य Pothole नहीं है, बल्कि एक बेहद खतरनाक और गहरी सुरंग का रूप ले चुका है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ऊपर से देखने पर यह गड्ढा महज तीन फीट चौड़ा दिखाई देता है, लेकिन इसके भीतर की गहराई इतनी भयानक है कि नीचे एक बहुत बड़े एरिये में यह सुरंग की तरह खोखला होकर फैला हुआ है। इस जानलेवा गड्ढे के सामने आने के बाद से समूचे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
बीते साल हुए थे दो दर्जन से अधिक गड्ढे, बेअसर रही जांच की रिपोर्ट
गौरतलब है कि चेतकपुरी सड़क का धंसना और इस तरह के खतरनाक गड्ढों का होना कोई नया मामला नहीं है। बीते साल भी इसी मुख्य मार्ग पर दो दर्जन (24) से अधिक स्थानों पर इसी तरह के गहरे और जानलेवा गड्ढे हुए थे। उस दौरान जनआक्रोश के बाद जिला प्रशासन और नगर निगम ने एक उच्च स्तरीय जांच कमेटी बिठाई थी। जांच रिपोर्ट आने के बाद कुछ कागजी और तकनीकी एक्शन भी देखने को मिला था, लेकिन वर्तमान स्थिति को देखकर साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि सुधार के नाम पर सिर्फ लीपापोती की गई थी। मानसून की पहली भारी बारिश से ठीक पहले ही सड़क का इस तरह दोबारा धंस जाना घटिया निर्माण सामग्री और लापरवाही की गवाही दे रहा है।
अपनी जान जोखिम में डालकर निकलने को मजबूर हैं वाहन चालक
व्यस्त मार्ग होने के कारण इस सड़क से चौबीसों घंटे हजारों छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। बीच सड़क पर अचानक हुए इस सुरंगनुमा गड्ढे के बाद भी प्रशासन ने समय रहते इस पर बैरिकेडिंग या सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए। नतीजतन, वहां से गुजरने वाले दोपहिया और चार पहिया वाहन चालकों को बेहद खतरनाक स्थिति में, अपनी जान का रिस्क (जोखिम) लेकर वहां से गुजरना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते इस गहरे खोखले हिस्से को कंक्रीट से सही तरीके से नहीं भरा गया, तो भारी वाहनों के दबाव के कारण यहाँ पूरी सड़क बैठ सकती है, जिससे कोई बड़ा और गंभीर हादसा होने से इंकार नहीं किया जा सकता।









