Mahasamund LPG Scam: महासमुंद LPG घोटाले में बड़ा खुलासा, करोड़ों की गैस हेराफेरी मामले में फरार पिता-पुत्र गिरफ्तार

Mahasamund LPG Scam: महासमुंद | छत्तीसगढ़ के चर्चित करोड़ों रुपये के एलपीजी गैस गबन कांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य आरोपी संतोष सिंह ठाकुर और उसके बेटे सार्थक सिंह ठाकुर को महासमुंद पुलिस ने महाराष्ट्र के कोल्हापुर से गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपी होटल में छिपकर रह रहे थे और लगातार अपने ठिकाने बदल रहे थे।

Mahasamund LPG Scam:इस हाई-प्रोफाइल मामले में इससे पहले जिला खाद्य अधिकारी समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। अब मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद मामले में और बड़े खुलासों की संभावना जताई जा रही है।

पुलिस अधीक्षक ने किया बड़ा खुलासा

Mahasamund LPG Scam:महासमुंद पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने प्रेसवार्ता में बताया कि सिंघोड़ा थाना में दर्ज एलपीजी गैस गबन मामले के मुख्य आरोपी संतोष सिंह ठाकुर और उसका पुत्र सार्थक सिंह ठाकुर घटना के बाद से लगातार फरार थे। उनकी तलाश के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमों को रायपुर, कवर्धा, छुईखदान, कान्हा-किसली, कोलकाता, पुणे, मुंबई और कोल्हापुर भेजा गया था।

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होटल में छिपे मिले आरोपी

Mahasamund LPG Scam:सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज, टोल प्लाजा डेटा और तकनीकी जांच के बाद पुलिस को सूचना मिली कि दोनों आरोपी महाराष्ट्र के कोल्हापुर स्थित न्यू चालुक्य होटल में छिपे हुए हैं। इसके बाद स्थानीय पुलिस की मदद से दबिश देकर दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।

Mahasamund LPG Scam:गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रायपुर के डगनिया स्थित शांति बिहार कॉलोनी निवासी संतोष सिंह ठाकुर (57 वर्ष) और उसके बेटे सार्थक सिंह ठाकुर (27 वर्ष) के रूप में हुई है। पुलिस ने संतोष ठाकुर के कब्जे से 20 हजार रुपये नकद भी बरामद किए हैं।

आरोपी ने पूछताछ में किए चौंकाने वाले खुलासे

Mahasamund LPG Scam:मुख्य आरोपी संतोष सिंह ठाकुर ने पूछताछ में कई अहम खुलासे किए हैं। उसने बताया कि पूरे मामले में 1 करोड़ 30 लाख रुपये की मांग की गई थी, लेकिन बाद में 90 लाख रुपये में सौदा तय हुआ। आरोपी ने बताया कि पहले 45 लाख रुपये और दूसरी बार 15 लाख रुपये दिए गए थे। जबकि बाकी 30 लाख रुपये ऑनलाइन सिक्योरिटी के तौर पर ट्रांसफर किए गए थे।

क्या है पूरा मामला?

Mahasamund LPG Scam:पुलिस के मुताबिक सिंघोड़ा थाना में दर्ज अपराध क्रमांक 96/25 के तहत 24 दिसंबर 2025 को एलपीजी गैस से भरे 6 कैप्सूल ट्रकों को जब्त किया गया था। भीषण गर्मी और सुरक्षा कारणों को देखते हुए जिला प्रशासन के निर्देश पर 30 मार्च 2026 को खाद्य विभाग की मौजूदगी में इन वाहनों को ठाकुर पेट्रो केमिकल्स उरला रायपुर के संचालक संतोष सिंह ठाकुर को सुपुर्द किया गया था।

87 टन LPG गैस की हुई थी हेराफेरी

Mahasamund LPG Scam:जांच में सामने आया कि सुपुर्द किए गए 5 कैप्सूल ट्रकों में भरी करीब 87 टन एलपीजी गैस की हेराफेरी कर दी गई थी। इस गैस की कीमत लगभग 77 लाख रुपये बताई गई है। पुलिस ने इसे आपराधिक न्यास भंग, कूट रचना और कालाबाजारी का गंभीर मामला मानते हुए विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया था।

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पहले ही जेल जा चुके हैं कई आरोपी

Mahasamund LPG Scam:इस मामले में पुलिस पहले ही जिला खाद्य अधिकारी अजय यादव, पंकज चंद्राकर, मनीष चौधरी और निखिल वैष्णव को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। अब मुख्य आरोपी पिता-पुत्र की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को इस पूरे नेटवर्क और घोटाले से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने की उम्मीद है।फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है और मामले में आगे की जांच जारी है।

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