Indore Student Safety: इंदौर। शहर में छात्राओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता सामने आई है। बड़ी संख्या में छात्राएं कलेक्टर कार्यालय पहुंचीं और प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर कॉलेज आने-जाने के दौरान होने वाली छेड़छाड़, पीछा करने और अभद्र व्यवहार की शिकायत की। छात्राओं ने आरोप लगाया कि शिक्षा संस्थानों के आसपास असामाजिक तत्वों की गतिविधियों के कारण वे खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करतीं और रोजाना डर के साए में कॉलेज जाने को मजबूर हैं।
10 हजार से अधिक छात्राएं, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
ज्ञापन में छात्राओं ने बताया कि कलेक्टर कार्यालय के आसपास स्थित विभिन्न स्कूलों, कॉलेजों और शिक्षण संस्थानों में करीब 10 हजार छात्राएं अध्ययन करती हैं। छुट्टी के समय कॉलेजों के बाहर मनचलों का जमावड़ा लग जाता है। छात्राओं का आरोप है कि बाइक सवार युवक उनका पीछा करते हैं, फब्तियां कसते हैं और अभद्र टिप्पणियां करते हैं, जिससे उन्हें मानसिक तनाव का सामना करना पड़ता है।
दुपट्टा खींचने और अश्लील हरकतों के लगाए आरोप
Indore Student Safety: छात्राओं ने आरोप लगाया कि कई बार मनचले उनका दुपट्टा खींचने जैसी हरकतें करते हैं। कुछ युवकों पर सार्वजनिक स्थानों पर अश्लील व्यवहार करने और अभद्र इशारे करने के भी आरोप लगाए गए हैं। छात्राओं का कहना है कि ऐसी घटनाओं के कारण वे हर दिन असुरक्षा और भय के माहौल में कॉलेज आने-जाने को मजबूर हैं।
पहले भी मनचलों का किया था विरोध
छात्राओं ने बताया कि यह समस्या नई नहीं है। उनका कहना है कि पहले भी छेड़छाड़ करने वाले एक युवक का छात्राओं ने विरोध करते हुए उसे पकड़ लिया था और उसकी पिटाई की थी। इसके बावजूद इलाके में मनचलों की गतिविधियों पर प्रभावी रोक नहीं लग सकी है।
परिवार को बताने से भी डरती हैं छात्राएं
Indore Student Safety: छात्राओं ने ज्ञापन में यह भी कहा कि वे कई बार अपने परिवार को पूरी स्थिति नहीं बता पातीं। उनका कहना है कि यदि परिजनों को रोजाना होने वाली छेड़छाड़ और असुरक्षा की जानकारी मिल गई, तो कई परिवार बेटियों की पढ़ाई बंद कर सकते हैं। ऐसे में वे अपनी शिक्षा और भविष्य को बचाने के लिए चुप रहने को मजबूर हो जाती हैं।
प्रशासन से की ये प्रमुख मांगें
छात्राओं ने प्रशासन और पुलिस से मांग की है कि—
- स्कूल, कॉलेज और छात्रावासों के आसपास स्थायी पुलिस बल की तैनाती की जाए।
- संवेदनशील क्षेत्रों में उच्च गुणवत्ता वाले सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं।
- मनचलों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ तत्काल एवं सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
- छात्राओं की सुरक्षा के लिए नियमित पुलिस गश्त और विशेष हेल्प डेस्क की व्यवस्था की जाए।
- कॉलेजों के आसपास एंटी-ईव टीजिंग अभियान लगातार चलाया जाए।
अब प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती
Indore Student Safety: छात्राओं द्वारा सीधे कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताने के बाद अब प्रशासन और पुलिस की जिम्मेदारी बढ़ गई है। देखना होगा कि शिकायतों के बाद सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं, ताकि छात्राएं बिना किसी डर और भय के अपनी पढ़ाई जारी रख सकें।







