Indore Road Safety Campaign: इंदौर। शहर में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं और मोबाइल फोन के बढ़ते दुरुपयोग को देखते हुए इंदौर पुलिस कमिश्नरेट के जोन-2 क्षेत्र में “नाइट ऑपरेशन क्लीन” अभियान चलाया गया। इस विशेष अभियान का उद्देश्य केवल नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई करना नहीं, बल्कि नागरिकों को मोबाइल के सुरक्षित उपयोग और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाना था। अभियान के तहत पुलिस ने मॉक ड्रिल, विशेष निगरानी और जनजागरूकता गतिविधियों के माध्यम से लोगों को सतर्क रहने का संदेश दिया।
Indore Road Safety Campaign:पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बीते दो दिनों से जोन-2 क्षेत्र में यह अभियान लगातार संचालित किया जा रहा है। इसके तहत पुलिस की विशेष टीमों को सिविल ड्रेस में विभिन्न सार्वजनिक स्थानों, बाजारों और प्रमुख मार्गों पर तैनात किया गया। टीमों ने ऐसे लोगों पर विशेष नजर रखी जो मोबाइल फोन के उपयोग में इतने व्यस्त थे कि उन्हें अपने आसपास की गतिविधियों और संभावित खतरों का अंदाजा तक नहीं था।
मोबाइल की लत बन सकती है हादसों की वजह
Indore Road Safety Campaign:अभियान के दौरान पुलिस ने कई ऐसे लोगों को चिन्हित किया जो सड़क पर चलते समय या वाहन चलाते हुए मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रहे थे। पुलिस कर्मियों ने उन्हें रोककर समझाइश दी और बताया कि वाहन चलाते समय मोबाइल का उपयोग न केवल यातायात नियमों का उल्लंघन है, बल्कि यह गंभीर सड़क दुर्घटनाओं का कारण भी बन सकता है।
Indore Road Safety Campaign:पुलिस ने लोगों को समझाया कि मोबाइल पर बात करना, मैसेज पढ़ना या सोशल मीडिया का उपयोग करते हुए वाहन चलाना स्वयं के साथ-साथ अन्य लोगों की जान को भी खतरे में डाल सकता है। अधिकारियों ने कहा कि कुछ सेकंड की लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
जागरूकता पर विशेष जोर
Indore Road Safety Campaign:जोन-2 के डीसीपी Aman Rathore ने मीडिया से चर्चा करते हुए बताया कि “नाइट ऑपरेशन क्लीन” का मुख्य उद्देश्य लोगों में सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि पुलिस का लक्ष्य केवल चालान काटना या कार्रवाई करना नहीं है, बल्कि नागरिकों को यह समझाना है कि सड़क पर सतर्कता और जिम्मेदार व्यवहार कितना महत्वपूर्ण है।
Indore Road Safety Campaign:डीसीपी ने बताया कि आजकल लोग मोबाइल फोन में इतने व्यस्त हो जाते हैं कि उन्हें अपने आसपास की परिस्थितियों का भी ध्यान नहीं रहता। कई बार लोग कॉल, चैटिंग या सोशल मीडिया स्क्रॉल करने में इतने खो जाते हैं कि सड़क सुरक्षा के मूल नियमों को नजरअंदाज कर देते हैं। इसी स्थिति को बदलने और लोगों को जिम्मेदार नागरिक बनाने के लिए यह विशेष अभियान चलाया गया है।
सिविल ड्रेस में तैनात रही पुलिस टीम
Indore Road Safety Campaign:अभियान की खास बात यह रही कि पुलिसकर्मी सिविल ड्रेस में विभिन्न स्थानों पर मौजूद रहे और आम नागरिकों की गतिविधियों पर नजर रखते रहे। इससे वास्तविक स्थिति का आकलन करने में मदद मिली और यह पता चला कि कितने लोग मोबाइल उपयोग के दौरान सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर रहे हैं।
सुरक्षित यातायात के लिए पुलिस की अपील
Indore Road Safety Campaign:इंदौर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे सड़क पर चलते समय और विशेष रूप से वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग करने से बचें। यदि कोई जरूरी कॉल आए तो वाहन को सुरक्षित स्थान पर रोककर ही बात करें। पुलिस का मानना है कि जनजागरूकता और नागरिकों के सहयोग से सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है और शहर को अधिक सुरक्षित बनाया जा सकता है।
Indore Road Safety Campaign:“नाइट ऑपरेशन क्लीन” के माध्यम से इंदौर पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया है कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की भी जिम्मेदारी है। जागरूकता, सतर्कता और नियमों के पालन से ही सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित की जा सकती है।









