Animal Theft Case: खरगोन/इंदौर। आगामी ईद-उल-अजहा (बकरीद) के त्योहार को देखते हुए मध्य प्रदेश के मालवा-निमाड़ अंचल के हाट-बाजारों में बकरा-बकरियों की मांग और कीमतें आसमान छू रही हैं। इसी का फायदा उठाने के लिए चोरों ने मवेशी चोरी का एक बेहद अनोखा और हाईटेक तरीका अख्तियार किया है। खरगोन जिले की पुलिस ने बकरा-बकरी चोरी करने वाले एक ऐसे अंतर-जिला शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो वारदात को अंजाम देने के लिए बाकायदा इंदौर से लग्जरी कार किराए पर लेते थे। पुलिस ने इस मामले में दो मुख्य आरोपियों सहित एक विधि से संघर्षरत बालक (नाबालिग) को हिरासत में लिया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की गई सभी 8 बकरियां और वारदात में इस्तेमाल की गई चमचमाती कार को भी सीज कर दिया है।
8-9 मई की दरमियानी रात बाड़े से साफ कर दिए थे मवेशी; 65 हजार थी कीमत
टिमरनी और खरगोन क्षेत्र के थानों में मवेशी चोरी की बढ़ती शिकायतों के बीच जलूद गांव में हुई इस वारदात ने पुलिस को हैरान कर दिया था। जलूद निवासी पीड़ित पशुपालक ने थाने में लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि गत 8-9 मई 2026 की दरमियानी रात अज्ञात बदमाश उसके घर के सामने बने बाड़े का ताला तोड़कर करीब 65 हजार रुपए मूल्य की 8 नग बकरियां चोरी कर ले गए थे। पीड़ित ने पहले खुद अपने स्तर पर आसपास के ग्रामीण हाट-बाजारों, सनावद, बड़वाह और खंडवा के पशु मेलों में बकरियों की काफी तलाश की, लेकिन कहीं सुराग न मिलने पर आखिरकार 16 मई को थाने में आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई।
सीसीटीवी (CCTV) फुटेज और मुखबिर की सटीक सूचना से दबोचे गए आरोपी
थाना प्रभारी (TI) पंकज तिवारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल एक विशेष टीम का गठन किया। पुलिस टीम ने जलूद गांव के एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स सहित मुख्य हाईवे के कई किलोमीटर लंबे रास्तों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। तकनीकी पड़ताल के दौरान आधी रात को एक संदिग्ध इंदौर पासिंग कार घटना स्थल के आसपास मंडराती हुई दिखाई दी, जो आम तौर पर मवेशी तस्करों द्वारा इस्तेमाल नहीं की जाती थी। इसी दौरान पुलिस को मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली कि कुछ युवक चोरी की बकरियों को ठिकाने लगाने की फिराक में घूम रहे हैं। पुलिस ने त्वरित घेराबंदी करते हुए संदेही कार को रोका और आरोपियों को धर दबोचा।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान प्रिंस (पिता भरत सिंह सोलंकी, उम्र 21 वर्ष, मूल निवासी चेराखेड़ी, हाल मुकाम पटेल नगर, इंदौर) और राजा उर्फ स्वर्णिम (निवासी छोटी खरगोन) के रूप में हुई है। इनके साथ वारदात में शामिल एक नाबालिग को भी बाल न्यायालय के समक्ष पेश करने हेतु अभिरक्षा में लिया गया है।
पूछताछ में खुलासा: ईद के चलते इंदौर की चोइथराम मंडी में मिल रहे थे ऊंचे दाम
पुलिस की कड़ी पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल करते हुए चौंकाने वाले खुलासे किए। आरोपियों ने बताया कि सामान्य तौर पर पिकअप या ऑटो से बकरियां ले जाने पर पुलिस चेकिंग में पकड़े जाने का खतरा ज्यादा रहता था, इसलिए उन्होंने पुलिस को चकमा देने के लिए इंदौर से बकायदा मोटी रकम देकर एक लग्जरी कार किराए (रेंटल कार) पर ली थी। कार की पिछली सीट पर बकरियों को ठूंसकर वे आसानी से जिला पार कर जाते थे।
आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे इन चोरी के मवेशियों को इंदौर की प्रसिद्ध चोइथराम मंडी के समीप ले जाकर व्यापारियों को बेच देते थे। चूंकि बकरीद का त्योहार बेहद नजदीक है, इसलिए बाजार में खरीदारों की भारी भीड़ के चलते चोरी के बकरे-बकरियों को बेचने में कोई कागजी दिक्कत भी नहीं होती थी और तस्करों को मनमाफिक मोटी रकम (ऊंचे दाम) आसानी से मिल जाती थी।
त्योहार के मद्देनजर पुलिस अलर्ट; अन्य थानों के मामलों में भी हो रही पूछताछ
खरगोन पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों के पास से बरामद सभी मवेशियों को औपचारिकताएं पूरी कर मूल मालिक को सौंप दिया है। आरोपियों को कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत (जेल) भेज दिया गया है। टीआई पंकज तिवारी के अनुसार, त्योहार के सीजन में भगवानपुरा और सनावद क्षेत्र में भी मवेशी चोरी के कुछ मामले सामने आए हैं, जिसे देखते हुए इस गिरोह से पुलिस रिमांड के दौरान कड़ी पूछताछ की जा रही है ताकि अन्य वारदातों का भी खुलासा हो सके। पुलिस ने ग्रामीण क्षेत्रों के पशुपालकों को भी रात के समय अपने बाड़ों की सुरक्षा पुख्ता रखने और संदिग्ध वाहनों की सूचना तुरंत डायल 100 पर देने की अपील की है।









