Balochistan Train Blast: बलूचिस्तान ट्रेन धमाका ने पाकिस्तान को एक बार फिर दहला दिया है। बलूचिस्तान प्रांत के क्वेटा में रेलवे ट्रैक के पास हुए जोरदार विस्फोट में जाफर एक्सप्रेस ट्रेन को निशाना बनाया गया।शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक इस हमले में कम से कम 24 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 100 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं।
बलूचिस्तान ट्रेन धमाका उस समय हुआ जब जाफर एक्सप्रेस क्वेटा कैंट इलाके से आगे बढ़ रही थी।बताया जा रहा है कि अचानक रेलवे ट्रैक के पास जोरदार धमाका हुआ, जिससे ट्रेन की कई बोगियां पटरी से उतर गईं। कुछ डिब्बों में आग भी लग गई।
कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी धमाके की आवाज
बलूचिस्तान ट्रेन धमाका इतना तेज था कि इसकी आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई।प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक धमाके के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आसपास खड़े वाहन और कई इमारतें भी क्षतिग्रस्त हो गईं।
घायलों का अस्पताल में इलाज जारी
बलूचिस्तान ट्रेन धमाका में घायल हुए लोगों को तुरंत क्वेटा के अस्पतालों में पहुंचाया गया।मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कई घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है। अस्पतालों में आपात स्थिति जैसी हालत बन गई है।
सुरक्षा बल भी थे निशाने पर
बलूचिस्तान ट्रेन धमाका को लेकर रिपोर्ट्स में कहा गया है कि ट्रेन में सुरक्षा बलों के जवान भी मौजूद थे।हमले के बाद पूरे इलाके को सुरक्षा एजेंसियों ने घेर लिया है और जांच शुरू कर दी गई है। राहत और बचाव अभियान भी तेजी से चलाया जा रहा है।
BLA ने ली हमले की जिम्मेदारी
बलूचिस्तान ट्रेन धमाका की जिम्मेदारी बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी यानी BLA ने ली है।संगठन ने दावा किया है कि यह फिदायीन हमला था और ट्रेन में सुरक्षा बलों के जवान मौजूद थे, जिन्हें निशाना बनाया गया।
पहले भी निशाने पर रही जाफर एक्सप्रेस
बलूचिस्तान ट्रेन धमाका कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी जाफर एक्सप्रेस कई बार आतंकियों के निशाने पर आ चुकी है।बलूचिस्तान में पिछले कुछ महीनों से ट्रेन, पुलिस चौकियों और सुरक्षा ठिकानों पर लगातार हमले बढ़े हैं।
सीमा के पास बढ़ी उग्रवादी गतिविधियां
बलूचिस्तान ट्रेन धमाका जिस इलाके में हुआ, वह पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा के करीब माना जाता है।क्वेटा और चमन गेट क्षेत्र लंबे समय से उग्रवादी गतिविधियों का केंद्र रहे हैं। हाल के महीनों में यहां आतंकी घटनाओं में तेजी देखी गई है।
पाकिस्तान में बढ़ी सुरक्षा चिंता
बलूचिस्तान ट्रेन धमाका के बाद पाकिस्तान में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर फिर सवाल उठने लगे हैं।विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार बढ़ते आतंकी हमले सरकार और सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बनते जा रहे हैं।









