Sunday, September 20, 2026
Home International होर्मुज में हालात कब होंगे नार्मल? ईरान ने दिया जवाब, लेकिन अमेरिका...

होर्मुज में हालात कब होंगे नार्मल? ईरान ने दिया जवाब, लेकिन अमेरिका को दी नसीहत

नई दिल्ली : भारत में ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को रोकने के लिए तत्काल हस्तक्षेप करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात केवल क्षेत्रीय नहीं बल्कि वैश्विक स्थिरता को भी प्रभावित कर रहे हैं।

होर्मुज स्ट्रेट को लेकर जताई चिंता

इलाही ने आरोप लगाया कि युद्धविराम के बावजूद ईरान के समुद्री मार्गों, खासकर होर्मुज स्ट्रेट में बाधाएं पैदा की जा रही हैं। इसके कारण वैश्विक तेल और व्यापार आपूर्ति प्रभावित हो रही है।उन्होंने कहा कि यदि इस तरह की रुकावटें जारी रहीं तो इसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।

“ईरान युद्ध नहीं चाहता था”

अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने दावा किया कि ईरान ने हमेशा बातचीत के जरिए समाधान खोजने की कोशिश की। उन्होंने बताया कि ओमान और जिनेवा में हुई वार्ताएं सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही थीं, लेकिन अचानक हुए हमलों ने पूरी प्रक्रिया को बाधित कर दिया।

अमेरिका और इजराइल पर गंभीर आरोप

उन्होंने अमेरिका और इजराइल पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने योजनाबद्ध तरीके से ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की, जिसका उद्देश्य सरकार को कमजोर करना था।

इलाही के अनुसार, इन हमलों में स्कूल, अस्पताल और सार्वजनिक ढांचे को भी नुकसान पहुंचा, जिससे आम नागरिक सबसे ज्यादा प्रभावित हुए।

“आम लोग युद्ध की कीमत चुका रहे हैं”

ईरानी प्रतिनिधि ने कहा कि इस संघर्ष की सबसे भारी कीमत आम नागरिक चुका रहे हैं। हजारों लोगों की जान गई है और बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है।उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि वह एकतरफा आर्थिक प्रतिबंधों और नीतियों पर पुनर्विचार करे।

“न युद्ध, न शांति” की स्थिति

इलाही ने कहा कि वर्तमान स्थिति “न युद्ध, न शांति” जैसी है, जिसमें तनाव अभी भी बना हुआ है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आक्रामक नीतियां जारी रहीं तो संघर्ष दोबारा भड़क सकता है।

ईरान की वैश्विक अपील

उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आग्रह किया कि सभी पक्षों पर दबाव बनाकर युद्ध को रोका जाए। उनका कहना है कि वैश्विक हस्तक्षेप से ही क्षेत्र में स्थिरता और शांति संभव है।

Share The News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here