Tuesday, September 15, 2026
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मध्यप्रदेश में UCC लागू करने की तैयारी तेज! मोहन सरकार ने बनाई हाई लेवल एक्सपर्ट कमेटी

CM Mohan Yadav
CM Mohan Yadav

निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : मध्यप्रदेश सरकार ने राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। विधि एवं विधायी कार्य विभाग ने इसके लिए एक उच्च स्तरीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया है, जो राज्य के लिए UCC का प्रारूप तैयार करेगी। इस पहल को कानूनी सुधार और सामाजिक संतुलन की दिशा में अहम माना जा रहा है।

रंजना देसाई के नेतृत्व में कमेटी

इस हाई लेवल कमेटी की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस रंजना प्रसाद देसाई करेंगी। वे पहले उत्तराखंड में UCC का ड्राफ्ट तैयार कर चुकी हैं। समिति में प्रशासनिक, कानूनी, शैक्षणिक और सामाजिक क्षेत्रों से जुड़े विशेषज्ञों को शामिल किया गया है, जिससे संतुलित और व्यापक दृष्टिकोण सामने आ सके।

60 दिन में रिपोर्ट और ड्राफ्ट बिल

सरकार ने समिति को 60 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट और UCC का ड्राफ्ट बिल तैयार करने का समय दिया है। इस दौरान समिति राज्य के सामाजिक और सांस्कृतिक ढांचे को ध्यान में रखते हुए सभी पहलुओं का अध्ययन करेगी।
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सभी वर्गों से लिए जाएंगे सुझाव

कमेटी आम जनता, धार्मिक संगठनों और विषय विशेषज्ञों से सुझाव और आपत्तियां भी आमंत्रित करेगी। इसका उद्देश्य ऐसा कानून तैयार करना है, जो सभी समुदायों के हितों को संतुलित तरीके से ध्यान में रखे। विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा पर जोर रहेगा। साथ ही लिव-इन रिलेशनशिप के रजिस्ट्रेशन जैसे मुद्दों को भी एजेंडे में शामिल किया गया है।

क्या है यूनिफॉर्म सिविल कोड?

यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) का मतलब है कि देश में शादी, तलाक, गोद लेना, विरासत और संपत्ति जैसे निजी मामलों के लिए सभी नागरिकों पर एक समान कानून लागू हो। वर्तमान में अलग-अलग धर्मों के लिए अलग-अलग पर्सनल लॉ लागू हैं, जिससे कानूनी असमानता की स्थिति बनती है।

UCC पर क्यों हो रहा विरोध?

UCC को लेकर देश में लंबे समय से बहस जारी है। कुछ समुदायों, खासकर अल्पसंख्यकों का मानना है कि यह उनकी धार्मिक स्वतंत्रता में हस्तक्षेप कर सकता है। उनका तर्क है कि संविधान का अनुच्छेद 25 सभी को अपने धर्म और परंपराओं के अनुसार जीवन जीने का अधिकार देता है, ऐसे में एक समान कानून लागू करना संवेदनशील मुद्दा है।

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