निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में पुलिस ने एक बड़े फर्जी मैट्रिमोनियल रैकेट का भंडाफोड़ किया है। दरोगा पारा स्थित एक केंद्र में बाहर से लोक सेवा केंद्र का काम दिखाया जाता था, जबकि अंदर कॉल सेंटर के जरिए देशभर के लोगों को ठगी का शिकार बनाया जा रहा था।
दुल्हन बनकर करती थीं बातचीत
जांच में सामने आया कि कॉल सेंटर में काम करने वाली युवतियां खुद को संभावित दुल्हन बताकर लोगों से संपर्क करती थीं। इसके लिए उन्हें विशेष प्रशिक्षण और स्क्रिप्ट दी जाती थी। पहले भावनात्मक बातचीत के जरिए भरोसा जीता जाता और फिर शादी की बात आगे बढ़ाने के नाम पर पैसे मांगे जाते थे।
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किस्तों में वसूले जाते थे पैसे
पीड़ितों से रजिस्ट्रेशन, मुलाकात और परिवार से मिलने जैसे बहाने बनाकर अलग-अलग चरणों में पैसे वसूले जाते थे। एक पीड़ित ने बताया कि कई दिनों तक बातचीत कर शादी का भरोसा दिलाया गया और फिर अचानक संपर्क तोड़ दिया गया।
मास्टरमाइंड और गिरोह का नेटवर्क
पुलिस के मुताबिक इस पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड कपिल गर्ग है। उसने लोक सेवा केंद्र की आईडी निरस्त होने के बाद इस अवैध नेटवर्क को खड़ा किया। गिरोह सोशल मीडिया और यूट्यूब पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर लोगों को फंसाता था।
सोशल मीडिया बना ठगी का हथियार
आरोपी आकर्षक तस्वीरों और वीडियो के जरिए लोगों का ध्यान खींचते थे। हर प्रोफाइल के साथ संपर्क नंबर साझा किया जाता, जिससे सीधे कॉल सेंटर तक पहुंच बनाई जाती थी।
26 आरोपी गिरफ्तार, कई धाराओं में केस दर्ज
पुलिस ने इस मामले में 25 युवतियों समेत कुल 26 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सभी के खिलाफ धोखाधड़ी, संगठित अपराध और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच जारी है।











