छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर स्थित शासकीय राजमोहिनी देवी कन्या महाविद्यालय से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक असिस्टेंट प्रोफेसर पर छात्रा को व्हाट्सएप पर अश्लील संदेश, आपत्तिजनक तस्वीरें और अभद्र भाषा भेजने का आरोप लगा है। यह मामला शिक्षा संस्थानों में सुरक्षा और आचरण मानकों पर सवाल खड़े करता है।
छात्रा की शिकायत से खुला मामला
जानकारी के अनुसार, छात्रा अक्टूबर-नवंबर 2025 में एडमिशन के लिए कॉलेज पहुंची थी, जिसके बाद से ही आरोपी प्रोफेसर द्वारा उसे परेशान किया जा रहा था। लगातार उत्पीड़न से परेशान होकर छात्रा ने 27 फरवरी 2026 को कॉलेज प्राचार्य को चैट के स्क्रीनशॉट सौंपे। इसके बाद 10 मार्च को पुलिस में FIR दर्ज की गई।
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पुलिस ने दर्ज किया मामला
छात्रा की शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी प्रोफेसर के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने डिजिटल सबूतों को भी जांच के दायरे में लिया है।
हाईकोर्ट ने खारिज की अग्रिम जमानत
आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी, जिसे चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की बेंच ने खारिज कर दिया। अदालत ने मामले की गंभीरता और चल रही जांच को देखते हुए राहत देने से इनकार कर दिया।
सरकार का पक्ष और आगे की कार्रवाई
राज्य सरकार ने भी आरोपी की जमानत का विरोध किया, जिसके बाद अदालत ने स्पष्ट संकेत दिए कि मामले की जांच प्रभावित नहीं होनी चाहिए। फिलहाल पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी है और डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है।
अंबिकापुर का यह मामला न केवल एक व्यक्तिगत अपराध का संकेत देता है, बल्कि शैक्षणिक संस्थानों में सुरक्षा और नैतिकता पर गंभीर सवाल भी खड़े करता है। अब पूरी जांच के बाद ही आगे की कानूनी स्थिति स्पष्ट होगी।











