निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : बिहार की राजनीति में लंबे समय से चल रहा सस्पेंस अब खत्म होने की कगार पर है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की 14 अप्रैल को प्रस्तावित कैबिनेट बैठक को उनकी आखिरी बैठक माना जा रहा है। राजनीतिक संकेत साफ हैं कि इसके बाद वे राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप सकते हैं, जिससे सत्ता परिवर्तन का रास्ता साफ हो जाएगा।
15 अप्रैल को नई सरकार का शपथ ग्रहण
सूत्रों के मुताबिक, 15 अप्रैल को पटना के राजभवन में नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा। प्रशासनिक स्तर पर इसकी तैयारियां तेज हो चुकी हैं। यह बदलाव केवल नेतृत्व परिवर्तन नहीं, बल्कि बिहार की राजनीति में नए समीकरणों की शुरुआत भी माना जा रहा है।
NDA विधायक दल की बैठक में होगा बड़ा फैसला
मंगलवार को होने वाली NDA विधायक दल की बैठक इस पूरे घटनाक्रम का सबसे अहम पड़ाव होगी। शाम 4 बजे नए मुख्यमंत्री के नाम का औपचारिक ऐलान किया जाएगा। इससे पहले जेडीयू विधायक दल की अलग बैठक होगी, जिसमें रणनीति तय की जाएगी।
केंद्रीय नेतृत्व की भूमिका अहम
इस बार मुख्यमंत्री चयन में केंद्रीय नेतृत्व की भूमिका काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को केंद्रीय पर्यवेक्षक बनाया गया है, जो विधायक दल की बैठक में नए नेता के चुनाव की प्रक्रिया को पूरा कराएंगे।
Read more : Raipur Crime : OLX ठगी का पर्दाफाश, 2 लाख की धोखाधड़ी करने वाले बिहार से गिरफ्तार
नीतीश कुमार की नई भूमिका के संकेत
नीतीश कुमार पहले ही राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ले चुके हैं और उन्होंने मुख्यमंत्री आवास खाली करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। इससे साफ संकेत मिलता है कि वे अब राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं।
परिवार की भूमिका पर भी नजर
राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी तेज है कि नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को नई सरकार या संगठन में कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी जा सकती है। हालांकि इस पर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
क्या बदलेंगे बिहार के सियासी समीकरण?
नीतीश कुमार के संभावित इस्तीफे के बाद बिहार में सत्ता संतुलन और राजनीतिक रणनीतियों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। NDA के भीतर नेतृत्व परिवर्तन भविष्य की राजनीति को प्रभावित करेगा।
बिहार में सत्ता परिवर्तन अब लगभग तय माना जा रहा है। नीतीश कुमार के संभावित इस्तीफे और नए मुख्यमंत्री के चयन से राज्य की राजनीति में एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है। अब सबकी नजर NDA की बैठक और 15 अप्रैल के शपथ ग्रहण समारोह पर टिकी है।











