mp news: जिले की जनसुनवाई उस समय अचानक गरमा गई, जब शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मकरोहर के एक दर्जन से अधिक छात्र कलेक्ट्रेट पहुंचकर अपने ही विद्यालय के प्राचार्य और शिक्षकों के खिलाफ गंभीर आरोप लगाने लगे।
छात्रों ने आरोप लगाया कि उनसे पैसे की मांग की गई और राशि न देने पर जानबूझकर परीक्षा में असफल कर दिया गया।
mp news:छात्रों के अनुसार कक्षा 9वीं के 36 तथा कक्षा 11वीं के 16 विद्यार्थियों को फेल घोषित किया गया है। छात्रों का कहना है कि प्राचार्य संतोष मिश्रा एवं कुछ शिक्षकों द्वारा 500 से 1000 रुपये तक की मांग की गई थी।
आरोप है कि जो छात्र पैसे नहीं दे पाए, उन्हें परिणाम में असफल कर दिया गया। इस आरोप के साथ छात्र जनसुनवाई में पहुंचे और प्रशासन से न्याय की मांग की।
भविष्य को लेकर छात्रों में चिंता
जनसुनवाई में पहुंचे छात्रों ने कहा कि वे नियमित रूप से पढ़ाई करते रहे हैं और परीक्षा भी दी, लेकिन बिना स्पष्ट कारण उन्हें फेल कर दिया गया। छात्रों का कहना है कि इस तरह का परिणाम उनके शैक्षणिक भविष्य को प्रभावित करेगा। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की।
प्रशासन ने लिया संज्ञान, जांच टीम गठित
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी एसबी सिंह ने तत्काल जांच टीम गठित कर दी। उन्होंने बताया कि टीम पूरे मामले की गहन जांच करेगी। यदि जांच में प्राचार्य या शिक्षक दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
छात्रों द्वारा लगाए गए आरोपों ने शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि आरोप सही साबित होते हैं, तो यह न केवल नियमों का उल्लंघन होगा बल्कि विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ भी माना जाएगा।
mp news: इस घटना के बाद अभिभावकों में भी नाराजगी देखी जा रही है और वे पारदर्शी जांच की मांग कर रहे हैं। फिलहाल पूरे मामले में प्रशासन की जांच शुरू हो चुकी है।
mp news: अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे यह स्पष्ट होगा कि छात्रों के आरोपों में कितनी सच्चाई है और आगे क्या कार्रवाई होती है।











