आत्मसमर्पण पर दोगुना इनाम, नक्सल मुक्त गांवों को मिलेंगे करोड़ो

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New Naxal policy in Chhattisgarh- छत्तीसगढ़ में नक्सल हिंसा से निपटने के लिए सरकार ने बड़ा दांव खेला है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में तैयार की गई नई नक्सल आत्मसमर्पण नीति अब तक की सबसे आक्रामक और आकर्षक पहल मानी जा रही है। इस नीति के ज़रिए सरकार नक्सलियों को मुख्यधारा में लौटने के लिए आर्थिक और सामाजिक प्रलोभन का एक ठोस रास्ता दे रही है।

New Naxal policy in Chhattisgarh- नई नीति में सबसे अहम बात यह है कि यदि नक्सली संगठन की किसी यूनिट के 80% या उससे अधिक सदस्य सामूहिक आत्मसमर्पण करते हैं, तो उन्हें उनके ऊपर घोषित इनामी राशि का दोगुना भुगतान किया जाएगा। यह कदम नक्सली गुटों को सामूहिक तौर पर तोड़ने की एक रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। इतना ही नहीं, यदि कोई ग्राम पंचायत क्षेत्र नक्सल मुक्त घोषित होता है, जहां सक्रिय सभी नक्सली और मिलिशिया सदस्य हथियार डाल देते हैं, तो सरकार वहां एक करोड़ रुपये तक के विशेष विकास कार्य स्वीकृत करेगी। यह प्रावधान सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, नारायणपुर और कांकेर जैसे अति नक्सल प्रभावित जिलों में लागू किया जाएगा।

पारिवारिक आत्मसमर्पण पर भी मिलेगा अलग-अलग लाभ
यदि किसी नक्सली दंपति द्वारा आत्मसमर्पण किया जाता है, तो दोनों को अलग-अलग इकाई मानते हुए पुनर्वास योजनाओं का लाभ मिलेगा। इनामी राशि का निर्धारण भी दोनों के लिए पृथक रूप से किया जाएगा। हालांकि यदि किसी योजना में दोनों को एक इकाई माना गया है, तो उसी नियम के अनुसार लाभ प्रदान किया जाएगा।

10 दिन में सहायता राशि देने का निर्देश
आत्मसमर्पण के बाद राहत और सहायता की प्रक्रिया को भी तेज कर दिया गया है। गृह विभाग के बजट से यह राशि उपलब्ध कराई जाएगी और ज़िला कलेक्टर को यह सुनिश्चित करना होगा कि आत्मसमर्पण के 10 दिनों के भीतर पूरी राशि संबंधित व्यक्ति को प्रदान कर दी जाए।

अपराधों पर पुनर्विचार संभव
अगर आत्मसमर्पित नक्सली पर पूर्व में आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं, तो मंत्रिपरिषद की उप समिति उसके 6 महीने के अच्छे आचरण और नक्सलवाद उन्मूलन में सहयोग को देखते हुए इन मामलों को समाप्त करने पर विचार कर सकती है।

छत्तीसगढ़ सरकार की यह नई नीति नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में एक निर्णायक मोड़ लाने की संभावना रखती है। सरकार जहां हिंसा से लड़ने के लिए सख्ती दिखा रही है, वहीं हथियार छोड़ने वालों के लिए उम्मीद की नई राह खोल रही है। अब देखना यह होगा कि यह नई नीति कितनी ज़मीन पर उतरती है, और क्या वाकई यह बंदूक थामे युवाओं को किताब और कुदाल की ओर मोड़ पाती है।

नई ग्रैंड विटारा भारत में लॉन्च, सेफ्टी, टेक्नोलॉजी और कम्फर्ट में हुआ बड़ा अपडेट

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नई दिल्ली : देश की अग्रणी ऑटोमोबाइल निर्माता मारुति सुजुकी ने अपनी दमदार और लोकप्रिय SUV ग्रैंड विटारा का नया वर्जन भारतीय बाजार में पेश कर दिया है। कंपनी ने इस बार सेफ्टी फीचर्स पर बड़ा फोकस करते हुए गाड़ी को पहले से कहीं ज्यादा सुरक्षित और एडवांस बना दिया है। खास बात यह है कि अब सभी वेरिएंट्स में 6 एयरबैग्स स्टैंडर्ड मिलेंगे, जो इसे अपने सेगमेंट में एक मजबूत विकल्प बनाते हैं। साथ ही नई ग्रैंड विटारा अब 18 वेरिएंट्स में ग्राहकों को उपलब्ध होगी। इसकी शुरुआती कीमत ₹11.42 लाख (एक्स-शोरूम) रखी गई है।

अपडेटेड ग्रैंड विटारा को सबसे बड़ा अपग्रेड इसके सेफ्टी डिपार्टमेंट में मिला है। अब इस SUV के सभी वेरिएंट्स में 6 एयरबैग स्टैंडर्ड दिए जा रहे हैं, जो इससे पहले केवल कुछ चुनिंदा ट्रिम्स में ही उपलब्ध थे। इसके अलावा, वाहन में इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी प्रोग्राम (ESP), एंटी-लॉक ब्रेकिंग सिस्टम (ABS), इलेक्ट्रॉनिक ब्रेकफोर्स डिस्ट्रीब्यूशन (EBD) जैसे फुल-प्रूफ सेफ्टी फीचर्स शामिल किए गए हैं। फ्रंट और रियर दोनों में डिस्क ब्रेक्स की सुविधा दी गई है जो तेज रफ्तार में भी बेहतरीन कंट्रोल प्रदान करते हैं। बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए SUV में अब ISOFIX चाइल्ड सीट एंकर्स भी स्टैंडर्ड शामिल किए गए हैं, जो अंतरराष्ट्रीय सेफ्टी मानकों के अनुरूप हैं।

नई ग्रैंड विटारा सिर्फ सेफ्टी ही नहीं, बल्कि कम्फर्ट और टेक्नोलॉजी के मामले में भी पूरी तरह से अपग्रेड हो गई है। अब इसमें 8-वे पावर्ड ड्राइवर सीट दी जा रही है, जिससे ड्राइविंग पोजिशन को अपनी सुविधा के अनुसार आसानी से एडजस्ट किया जा सकता है। यह फीचर लंबे समय तक सफर करने वाले ड्राइवर्स के लिए खासा उपयोगी साबित होगा।

SUV में अब इलेक्ट्रॉनिक पार्किंग ब्रेक का फीचर भी जोड़ा गया है, जो हिल-होल्ड कंट्रोल और हिल डिसेंट असिस्ट के साथ आता है। इसके अलावा, नई ग्रैंड विटारा में अब PM 2.5 एयर प्यूरीफायर भी शामिल है, जो केबिन में साफ और प्रदूषण-मुक्त हवा सुनिश्चित करता है।

ग्राहकों की टेक्नोलॉजिकल जरूरतों को समझते हुए मारुति ने इस बार SUV में एक नया 9-इंच का SmartPlay Pro+ इंफोटेनमेंट सिस्टम जोड़ा है। यह सिस्टम हाई रेजोल्यूशन टचस्क्रीन के साथ आता है और इसमें वायरलेस एंड्रॉइड ऑटो और एप्पल कारप्ले की सुविधा दी गई है, जिससे स्मार्टफोन को बिना केबल के ही कनेक्ट किया जा सकता है। इसके साथ ही, अब गाड़ी में 360 डिग्री व्यू कैमरा दिया गया है जो पार्किंग और टाइट स्पेस में ड्राइविंग को काफी आसान बनाता है। यह सुविधा पहले सिर्फ प्रीमियम सेगमेंट में ही देखने को मिलती थी।

हालांकि इस बार नई ग्रैंड विटारा के एक्सटीरियर और इंटीरियर डिज़ाइन में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन अपग्रेडेड फीचर्स और शानदार टेक्नोलॉजी की वजह से इसका ओवरऑल इम्प्रेशन पहले से कहीं ज्यादा प्रीमियम हो गया है। यह SUV अब युवा वर्ग से लेकर परिवारों तक, सभी को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है।

ऑटो एक्सपर्ट्स का मानना है कि सेगमेंट में बढ़ती प्रतिस्पर्धा को देखते हुए मारुति का यह कदम बेहद रणनीतिक है। 6 एयरबैग्स को स्टैंडर्ड करना जहां सरकार की आगामी सेफ्टी गाइडलाइंस के अनुरूप है, वहीं कस्टमर ट्रस्ट को भी मज़बूत करता है। नई ग्रैंड विटारा अब Hyundai Creta, Kia Seltos और Toyota Hyryder जैसी SUVs को सीधे टक्कर देने के लिए पूरी तरह तैयार है।

मारुति सुजुकी की नई ग्रैंड विटारा उन ग्राहकों के लिए एक बेहतरीन विकल्प बनकर आई है, जो सुरक्षा, आराम और टेक्नोलॉजी का परफेक्ट कॉम्बिनेशन तलाश रहे हैं। बढ़ते प्रतिस्पर्धा के दौर में कंपनी ने ग्राहकों को बेहतर मूल्य और परफॉर्मेंस देने की पूरी कोशिश की है। अगर आप इस सेगमेंट में एक भरोसेमंद, सुरक्षित और फीचर-लोडेड SUV की तलाश में हैं, तो नई ग्रैंड विटारा आपके लिए एक मजबूत दावेदार साबित हो सकती है।

हर्षोल्लास से मनाई गई बाबा साहब की जयंती, हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा ने किया शरबत वितरण

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रायपुर, छत्तीसगढ़। रायपुर के घड़ी चौक के समीप अंबेडकर चौक में डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर भारी संख्या में लोग एकत्रित हुए और बाबा साहब को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान पूरे क्षेत्र में जय भीम के नारों और देशभक्ति के गीतों की गूंज रही। कार्यक्रम के दौरान हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा ने सामाजिक सेवा का परिचय देते हुए आमजनों के बीच शरबत वितरण किया। गर्मी के मौसम में यह पहल लोगों को राहत देने वाली रही और जनमानस द्वारा इसकी सराहना भी की गई।

हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा ने किया शरबत वितरण
हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा ने किया शरबत वितरण

इस अवसर पर हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा के अध्यक्ष इकराम सैफ़ी ने डॉ. अंबेडकर के विचारों को याद करते हुए “एकता, समानता और सामाजिक न्याय” का संदेश दिया। उन्होंने कहा,
“बाबा साहब ने हमें संविधान के रूप में जो अधिकार दिए हैं, उन्हें याद रखना और उनके विचारों को जीवन में अपनाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। हम सभी को बिना भेदभाव के समाज में सौहार्द बनाए रखना चाहिए।”

कार्यक्रम में हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा के सभी सदस्य उपस्थित रहे और बाबा साहब की तस्वीर पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

डॉ. अंबेडकर जयंती पर यह आयोजन सामाजिक एकता और सेवा भावना का प्रतीक बना और सभी वर्गों के लोगों ने मिलकर बाबा साहब के विचारों को आत्मसात करने का संकल्प लिया।

दायरा’ में नज़र आएंगी करीना कपूर और पृथ्वीराज सुकुमारन, मेघना गुलज़ार की अगली क्राइम-थ्रिलर की हुई घोषणा

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नई दिल्ली : बॉलीवुड अभिनेत्री करीना कपूर खान और मलयालम सुपरस्टार पृथ्वीराज सुकुमारन एक साथ मेघना गुलज़ार की अगली फिल्म ‘दायरा’ में नजर आएंगे। यह फिल्म एक क्राइम-ड्रामा थ्रिलर होगी, जिसका निर्देशन मेघना गुलज़ार करेंगी और निर्माण जंगली पिक्चर्स के बैनर तले किया जाएगा। इससे पहले मेघना गुलज़ार और जंगली पिक्चर्स ने ‘तलवार’ और ‘राज़ी’ जैसी सफल फिल्मों में साथ काम किया था।

करीना कपूर का 25 साल के करियर को खास अंदाज़ में सेलिब्रेट

करीना कपूर ने फिल्म को लेकर कहा, “हिंदी सिनेमा में 25 साल पूरे करने के इस खास मौके पर मैं ‘दायरा’ की घोषणा करते हुए बेहद उत्साहित हूं। मेघना गुलज़ार के साथ काम करना मेरे लिए एक सपने के सच होने जैसा है। मैं लंबे समय से उनकी फैन रही हूं। साथ ही पृथ्वीराज जैसे शानदार अभिनेता के साथ काम करना भी मेरे लिए बहुत खास है। फिल्म की कहानी बेहद साहसी और सोचने पर मजबूर करने वाली है।”

पृथ्वीराज सुकुमारन भी फिल्म को लेकर उत्साहित

वहीं पृथ्वीराज सुकुमारन ने कहा, “जब मैंने पहली बार फिल्म की स्क्रिप्ट सुनी, तभी तय कर लिया था कि मैं इस फिल्म का हिस्सा बनना चाहता हूं।”

मेघना गुलज़ार ने साझा किया निर्देशन का अनुभव

निर्देशक मेघना गुलज़ार ने फिल्म की थीम को लेकर कहा, “सीमा अग्रवाल और यश केसवानी के साथ इस कहानी को विकसित करना एक चुनौतीपूर्ण और रोमांचक सफर रहा। फिल्म ‘दायरा’ उस ग्रे ज़ोन को छूती है जो सही और गलत के बीच मौजूद होता है।”

जंगली पिक्चर्स की सीईओ अमृता पांडे ने मेघना की फिल्म बनाने की शैली की प्रशंसा करते हुए कहा कि, “वर्तमान समय की जटिलताओं को कहानी के ज़रिए जिस तरह से फिल्म उकेरेगी, वह दर्शकों को जरूर प्रभावित करेगी।”

दुर्ग की मासूम बेटी महक यादव के लिए न्याय की मांग, राष्ट्रीय बजरंग दल ने भी जोरदार प्रदर्शन किया

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दुर्ग, छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में एक छह वर्षीय मासूम बच्ची के साथ हुए जघन्य दुष्कर्म और हत्या के मामले ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है। इस हृदयविदारक घटना के विरोध में रायपुर जय स्तंभ चौक में राष्ट्रीय बजरंग दल ने भी जोरदार प्रदर्शन किया और आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग की।

Rashtriya Bajrang Dal also performed strongly
Rashtriya Bajrang Dal also performed strongly

इस घटना के विरोध में राष्ट्रीय बजरंग दल ने भी जोरदार प्रदर्शन किया और आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग की। संगठन के प्रदेश महामंत्री विक्रांत शर्मा ने कहा कि नवरात्रि के पवित्र दिनों में एक छह वर्षीय मासूम बेटी महक यादव के साथ निर्ममतापूर्वक बलात्कार और हत्या की गई, जो समाज के लिए अत्यंत निंदनीय है। उन्होंने कहा कि यह घटना एक सोची-समझी साजिश के तहत हुई है और ऐसी क्रूर घटना पर यदि कठोर दंड नहीं दिया गया तो भविष्य में भी ऐसी भयावह घटनाएं हो सकती हैं।

राष्ट्रीय बजरंग दल ने राज्यपाल से मांग की है कि महक यादव की हत्या की सीबीआई जांच कराई जाए और दोषियों को फांसी की सजा दिलाने में सहयोग प्रदान किया जाए ताकि महक यादव को न्याय मिल सके।

इस घटना ने पूरे छत्तीसगढ़ को झकझोर कर रख दिया है और लोग आरोपी के लिए कड़ी से कड़ी सजा की मांग कर रहे हैं। वकीलों के आरोपी का केस न लड़ने के फैसले ने पीड़ित परिवार को कुछ हद तक ढांढस बंधाया है, लेकिन न्याय की अंतिम जीत के लिए सभी की निगाहें अब जांच और अदालत की कार्यवाही पर टिकी हुई हैं।

इस घटना के बाद से ही पीड़ित परिवार के लिए न्याय की मांग तेज हो गई है। विभिन्न सामाजिक संगठनों और समुदाय के सदस्यों ने शहर में रैलियां निकालीं और अपना आक्रोश व्यक्त किया। यादव समाज, जिससे बच्ची संबंधित थी, ने इस मामले की सीबीआई जांच की मांग की है। समाज के सदस्यों ने दुर्ग जिले के कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपकर पीड़िता की मां को 50 लाख रुपए की आर्थिक सहायता और उन्हें सरकारी नौकरी देने की मांग की है।

पुलिस के अनुसार, यह घिनौनी वारदात रविवार सुबह उस समय हुई जब आरोपी घर पर अकेला था और बच्ची की दादी व एक अन्य रिश्तेदार मंदिर गए हुए थे। पुलिस ने बताया कि आरोपी ने कथित तौर पर बच्ची का यौन उत्पीड़न किया, उसकी निर्मम हत्या कर दी और बाद में उसके शव को पड़ोसी की खड़ी कार में छिपा दिया। आरोपी को पता था कि कार का एक दरवाजा अक्सर खुला रहता है।

जब बच्ची शाम तक घर नहीं लौटी, तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की और बाद में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने रात में पड़ोसी की कार के अंदर बच्ची का शव बरामद किया। पुलिस ने बताया कि बच्ची के शरीर पर चोट के निशान थे और मेडिकल रिपोर्ट में यौन उत्पीड़न की पुष्टि हुई है।

खुले मेनहोल पर महापौर की सख्ती, 24 घंटे में ढकने के निर्देश, हादसों के बाद निगम की त्वरित कार्रवाई

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रायपुर : हाल ही में खुले गड्ढों और मेनहोल के चलते हुई दुर्घटनाओं के बाद रायपुर नगर निगम हरकत में आ गया है। महापौर मीनल चौबे ने सभी बीएसयूपी, प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) कॉलोनियों और निगम परिसरों में खुले सैप्टिक टैंक और सम्पवेल के मेनहोल को 24 घंटे के भीतर ढकने के निर्देश दिए हैं। महापौर ने इसे “सर्वोच्च प्राथमिकता का कार्य” बताते हुए भविष्य में किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचने के लिए तत्काल कार्रवाई की बात कही।

नगर निगम आयुक्त विश्वदीप ने महापौर के निर्देशों के पालन में निगम के 10 जोन कमिश्नरों को आदेशित किया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में खुले मेनहोल और गड्ढों की पहचान कर उन्हें ढकने की कार्यवाही सुनिश्चित करें। इसके साथ ही, जोन स्तर पर निरीक्षण कर साइज और लोकेशन के अनुसार ड्रेन कवर की सूची बनाकर 24 घंटे के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। आयुक्त ने यह भी स्पष्ट किया कि आवश्यकता पड़ने पर यह कार्य 15वें वित्त आयोग की प्रगतिरत कार्य योजना के अंतर्गत किया जा सकता है।

गुलमोहर पार्क और छत्तीसगढ़ नगर में त्वरित सुधार कार्य

निगम की पीएमएवाई टीम ने गुलमोहर पार्क कॉलोनी (जोन 7) में उस सोकपीट के चारों ओर बैरिकैटिंग की, जहां हाल ही में एक दर्दनाक दुर्घटना में मासूम की जान चली गई थी। जनसुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कार्य तत्परता से किया गया। वहीं, जोन 6 क्षेत्र के छत्तीसगढ़ नगर में शीतला मंदिर के पास पेयजल पाइपलाइन कार्य हेतु खोदे गए गड्ढे को तत्काल पाटने की कार्रवाई की गई। इससे पहले वहां एक बच्चा गिर गया था, जिसे एक बाइक सवार युवक ने बहादुरी दिखाते हुए बचाया था।

प्रशासन की सतर्कता, नागरिकों की अपेक्षा

इन घटनाओं के बाद रायपुर नगर निगम की कार्यशैली पर सवाल खड़े हुए थे, लेकिन अब महापौर और प्रशासन द्वारा उठाए गए तेज़ कदमों से जनमानस को कुछ राहत मिली है। नागरिकों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि ऐसी घटनाओं से बचने के लिए भविष्य में भी नियमित निरीक्षण और त्वरित सुधार सुनिश्चित किया जाए।

शहर के गड्ढे बन रहे मासूमों के लिए जानलेवा, एक की मौत, दो भर्ती – स्थानीय लोगों में रोष

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रायपुर : नगर निगम की लापरवाही एक बार फिर मासूमों की जिंदगी पर भारी पड़ी है। शहरभर में खुले छोड़ दिए गए गड्ढे अब जानलेवा साबित हो रहे हैं। बीते  दिनों में  इलाकों में ऐसे गड्ढों में गिरकर  3 बच्चे घायल हुए, जिनमें से एक सात वर्षीय बालक दिव्यांश कुम्हार की मौत हो गई। घटना के बाद से स्थानीय नागरिकों में गहरा आक्रोश है। उन्होंने नगर निगम के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए जिम्मेदारों पर कार्रवाई और उचित मुआवजे की मांग की है।

गुलमोहर पार्क कॉलोनी में दर्दनाक हादसा

रामनगर स्थित गुलमोहर पार्क कॉलोनी में रविवार शाम एक बड़ा हादसा हुआ। यहां ईडब्ल्यूएस कॉलोनी के पास चार महीने पहले सिवरेज टैंक के लिए खुदाई की गई थी, लेकिन न तो गड्ढे को ढका गया और न ही कोई चेतावनी चिन्ह लगाए गए। लापरवाही का अंजाम यह हुआ कि तीन मासूम बच्चे उस गड्ढे में गिर पड़े। दुर्भाग्यवश, 7 वर्षीय दिव्यांश कुम्हार की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि अन्य दो बच्चों को स्थानीय निवासियों की मदद से बाहर निकाला गया और अस्पताल पहुंचाया गया। हादसे के बाद कॉलोनीवासियों ने नगर निगम के खिलाफ नारेबाजी की और मौके पर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि गड्ढे को लेकर कई बार निगम को अवगत कराया गया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने दिव्यांश के परिजनों को 4 लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की है।

छत्तीसगढ़ नगर में भी हुआ हादसा

शनिवार को सीतला मंदिर, छत्तीसगढ़ नगर के पास भी इसी तरह की घटना सामने आई। सड़क के बीच बनाए गए एक गहरे गड्ढे में एक बच्चा गिर गया। गनीमत रही कि वहां से गुजर रहे एक बाइक सवार युवक ने साहस दिखाते हुए गड्ढे में कूदकर बच्चे की जान बचा ली। यह पूरी घटना CCTV में कैद हुई है और सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।

रायपुर शहर में तेजी से फैल रहे ऐसे असुरक्षित गड्ढों को लेकर अब आम लोगों की चिंता और गुस्सा दोनों चरम पर हैं। नागरिकों का कहना है कि यह प्रशासन की खुली लापरवाही है, और यदि अब भी कार्रवाई नहीं हुई, तो किसी और मासूम की जान जाना तय है।

पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने दिव्यांश के परिजनों से मुलाकात की और घायलों के स्वास्थ्य की जानकारी ली। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की बात कही। उपाध्याय ने बताया कि वह जल्द ही नगर निगम कमिश्नर और रायपुर कलेक्टर से मिलकर मुआवजे के साथ-साथ पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की दिशा में कदम उठाएंगे।

7 साल की बच्ची का अपहरण, झाड़-फूंक करने वाला बैगा हिरासत में

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Big Breaking:  छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले के कोसाबाड़ी गांव से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां शुक्रवार रात मां के साथ आंगन में सो रही 7 साल की बच्ची अचानक लापता हो गई। बच्ची की पहचान महेश्वरी गोस्वामी के रूप में हुई है, जो देर रात करीब 2 बजे अपने घर से रहस्यमयी तरीके से गायब हो गई। घटना की रात महेश्वरी अपनी मां पुष्पा गोस्वामी के साथ खुले आंगन में सो रही थी। रात में मां की आंख खुली तो उन्होंने देखा कि महेश्वरी वहां नहीं है। परिजनों ने तुरंत आसपास के इलाकों में तलाश शुरू की लेकिन बच्ची का कहीं पता नहीं चला।

सूचना मिलने पर लोरमी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। संदेह के आधार पर गांव के ही एक झाड़-फूंक करने वाले बैगा को हिरासत में लिया गया है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है, हालांकि बच्ची का अब तक कोई सुराग नहीं मिला है।

बच्ची के पिता जनक गिर गोस्वामी, जो लकवे के शिकार हैं, ने पुलिस पर असहयोग का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पुलिस मदद करने की बजाय उलझाने वाले सवाल पूछ रही है और दबाव बना रही है। उन्होंने कहा कि परिवार आर्थिक रूप से बेहद कमजोर है और वे एक कच्चे मकान में रहते हैं। परिवार में पांच बच्चे हैं, जिनमें से दो घटना की रात चाचा के घर सोने गए थे।

लोरमी पुलिस ने इस मामले में अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कर लिया है। डीएसपी मयंक तिवारी ने जानकारी दी कि एक विशेष सर्च टीम का गठन किया गया है, जो गांव और आसपास के क्षेत्रों में बच्ची की तलाश में जुटी है।

इस घटना के बाद पूरे कोसाबाड़ी गांव में डर और बेचैनी का माहौल है। गांव के लोग और परिजन सोशल मीडिया पर बच्ची की तस्वीरें और जानकारी शेयर कर उसे ढूंढ़ने की अपील कर रहे हैं। यह मामला न केवल पुलिस प्रशासन के लिए एक चुनौती बन गया है, बल्कि समाज के लिए भी एक चेतावनी है कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर कितनी सतर्कता बरतने की जरूरत है।

 

रायपुर में घर में लगी भीषण आग, बीड़ी की चिंगारी ने उजाड़ा आशियाना, बुजुर्ग 80% झुलसे

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रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में  एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जब विधानसभा थाना क्षेत्र के अंतर्गत दोदेखुर्द इलाके में एक घर में भीषण आग लग गई। इस हादसे में करीब 70 वर्षीय बुजुर्ग धनराज साहू गंभीर रूप से झुलस गए। उन्हें 80% तक जलने की स्थिति में मेकाहारा अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बुजुर्ग धनराज साहू ने संभवतः बीड़ी पीने के बाद उसे बुझाए बिना छोड़ दिया, जिसके कारण धीरे-धीरे आग भड़क गई। चिंगारी ने पहले बिस्तर और फिर पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया। जब तक स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और बुजुर्ग को बाहर निकाला गया, तब तक वे बुरी तरह झुलस चुके थे।

दमकल विभाग की तत्परता से टली बड़ी दुर्घटना

घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक घर का अधिकांश हिस्सा जलकर राख हो चुका था। दमकल कर्मियों की तत्परता ने आग को आसपास के अन्य घरों तक फैलने से रोक दिया, जिससे बड़ा नुकसान टल गया।

हादसे के बाद दोदेखुर्द इलाके में दहशत और शोक का माहौल है। स्थानीय निवासियों ने तत्काल पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचित किया, जिसके बाद राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाने की कोशिश जारी है।

सावधानी ही सुरक्षा है

यह घटना एक बार फिर यह संदेश देती है कि आग से जुड़ी छोटी-सी लापरवाही भी बड़े हादसे का रूप ले सकती है। बुजुर्गों और परिवारों के लिए यह चेतावनी है कि किसी भी प्रकार की ज्वलनशील वस्तु, जैसे बीड़ी, सिगरेट या अगरबत्ती आदि का इस्तेमाल सावधानीपूर्वक किया जाना चाहिए।

CSK vs LSG आज लखनऊ में भिड़ंत, चेन्नई के लिए करो या मरो का मुकाबला

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IPL 2025: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2025 का रोमांच अपने चरम पर है। आज टूर्नामेंट का 30वां मुकाबला लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) और चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के बीच खेला जाएगा। यह मुकाबला भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम, लखनऊ में होगा और भारतीय समयानुसार शाम 7:30 बजे से शुरू होगा। दोनों ही टीमों के लिए यह मुकाबला काफी अहम है, लेकिन चेन्नई सुपर किंग्स के लिए यह सीजन में वापसी की अंतिम उम्मीद जैसा माना जा रहा है। कप्तान रुतुराज गायकवाड़ की गैरमौजूदगी, टीम की लगातार हार, और बल्लेबाजों की नाकामी—इन तमाम चुनौतियों के बीच आज महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में CSK मैदान पर उतरेगी।

 चेन्नई सुपर किंग्स: संकट के दौर से गुजरती ‘चैंपियन’ टीम

चेन्नई सुपर किंग्स इस वक्त अपने इतिहास के सबसे खराब दौर से गुजर रही है। टीम ने अभी तक IPL 2025 में लगातार पांच मुकाबलों में हार झेली है, जो अब तक के सभी सीजनों में सबसे खराब रिकॉर्ड है। इतना ही नहीं, अपने मजबूत घरेलू मैदान चेपॉक स्टेडियम में भी टीम को तीन मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा—जो अपने आप में एक दुर्लभ घटना है। टीम के बल्लेबाजों ने निराश किया है। पावर हिटिंग की कमी CSK की सबसे बड़ी कमजोरी बनकर उभर रही है। महेंद्र सिंह धोनी ने खुद इस बात को स्वीकार किया है कि पावरप्ले में 60 रन बनाने का लक्ष्य भी अब CSK के लिए एक बड़ा टास्क बन गया है।

  • रचिन रविंद्र और डेवोन कॉनवे जैसे तकनीकी बल्लेबाज शुरुआत में रन गति नहीं बढ़ा पा रहे।

  • राहुल त्रिपाठी, जो गायकवाड़ की जगह तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी कर रहे हैं, पर अब भारी दबाव है।

  • शिवम दुबे और रविंद्र जडेजा जैसे अनुभवी खिलाड़ियों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है।

गौरतलब है कि पिछले मैच में धोनी नौवें नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे थे, जिससे बल्लेबाजी क्रम को लेकर भी टीम की रणनीति पर सवाल उठने लगे हैं।

 माइक हसी का बयान – “हम हार नहीं मानेंगे”

टीम के बल्लेबाजी कोच माइक हसी ने कोलकाता से मिली हार के बाद स्पष्ट किया था कि CSK की टीम अब भी आत्मविश्वास से भरी है। उन्होंने कहा,

“हमें अपने खिलाड़ियों पर पूरा भरोसा है। हम उनसे कुछ ऐसा खेलने की उम्मीद नहीं कर सकते जो उनके स्वभाव के विपरीत हो। टीम अभी भी फाइट कर रही है।”

लखनऊ सुपर जायंट्स: आत्मविश्वास से भरी टीम, लगातार जीत की तलाश

दूसरी ओर, लखनऊ सुपर जायंट्स शानदार फॉर्म में है। टीम ने अब तक सीजन में संतुलित प्रदर्शन किया है और लगातार चौथी जीत की ओर देख रही है। पिछले मुकाबले में गुजरात टाइटन्स के खिलाफ शानदार जीत में टीम के गेंदबाजों ने कमाल का प्रदर्शन किया। आवेश खान, रवि बिश्नोई और शार्दुल ठाकुर जैसे गेंदबाजों ने गुजरात की तेज शुरुआत के बाद रन गति को नियंत्रित किया और टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। लखनऊ की पिच पारंपरिक रूप से धीमी मानी जाती है लेकिन यह पावर हिटर्स के लिए फायदेमंद रही है, खासकर निकोलस पूरन जैसे बल्लेबाजों के लिए जो लगातार बड़ी पारियां खेल रहे हैं।

CSK में रुतुराज गायकवाड़ की चोट के बाद लगातार प्रयोग हो रहे हैं, लेकिन टीम अब तक संतुलित संयोजन नहीं बना सकी है। वहीं, LSG को मिचेल मार्श की वापसी से मजबूती मिलेगी, लेकिन इससे ऋषभ पंत की ओपनिंग को लेकर संशय बना रहेगा। पंत ने पिछले मैच में ओपनिंग करते हुए बेहतरीन प्रदर्शन किया था।

संभावित टीमें:

लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG):

ऋषभ पंत (कप्तान और विकेटकीपर), एडेन मारक्रम, निकोलस पूरन, मिचेल मार्श, डेविड मिलर, हिम्मत सिंह, आयुष बडोनी, शार्दुल ठाकुर, आवेश खान, रवि बिश्नोई, मयंक यादव, शाहबाज अहमद, शमर जोसेफ, युवराज चौधरी।

चेन्नई सुपर किंग्स (CSK):

महेंद्र सिंह धोनी, रुतुराज गायकवाड़ (कप्तान), डेवोन कॉनवे, रचिन रविंद्र, राहुल त्रिपाठी, शिवम दुबे, रविंद्र जडेजा, सैम करन, मथीशा पथिराना, नूर अहमद, आर. अश्विन, खलील अहमद, दीपक हुड्डा।

आज के मुकाबले में सबकी निगाहें एक बार फिर ‘कैप्टन कूल’ महेंद्र सिंह धोनी पर होंगी। क्या वो अपनी कप्तानी और अनुभव से टीम को फिर से पटरी पर ला पाएंगे? या लखनऊ की शानदार फॉर्म चेन्नई को और पीछे धकेल देगी? इसका जवाब मिलेगा आज शाम 7:30 बजे, जब दोनों टीमें आमने-सामने होंगी। क्रिकेट प्रेमियों के लिए यह एक बेहद रोमांचक मुकाबला होने वाला है।