Thursday, August 27, 2026
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Blind Faith Tragedy: विदिशा में अंधविश्वास का खौफनाक मंजर: 5 दिन तक बंद कमरे में बेटे की लाश रखकर जिंदा करने का टोटका करती रही मां; सीने पर रखी थी ‘बाइबल’

Blind Faith Tragedy: विदिशा। मध्य प्रदेश के विदिशा जिला मुख्यालय अंतर्गत सिविल लाइन थाना क्षेत्र के क्रांति चौक पर अंधविश्वास और मानसिक विक्षिप्तता का एक ऐसा रोंगटे खड़े कर देने वाला सनसनीखेज मामला उजागर हुआ है, जिसने मानवीय संवेदनाओं और आधुनिक समाज को झकझोर कर रख दिया है। शहर के एक प्रतिष्ठित स्कूल की शिक्षिका मरियम वर्गिस ने अपने 42 वर्षीय इकलौते बेटे ‘शीनू’ की मौत के बाद विधिक रूप से न तो उसकी अंत्येष्टि की और न ही इसकी सूचना किसी को दी। इसके विपरीत, वह घोर अंधविश्वास के वशीभूत होकर पिछले 5 दिनों से बंद कमरे के भीतर बेटे के शव के सीने पर ईसाई धर्मग्रंथ ‘बाइबल’ (Bible) रखकर उसे पुनः जीवित करने के लिए अजीबोगरीब टोटके व प्रार्थनाएं कर रही थी। इस रूह कंपा देने वाले कृत्य का भंडाफोड़ तब हुआ, जब शव के सड़ने के कारण पूरे मोहल्ले में असहनीय बदबू फैल गई और दरवाजे के नीचे से खून की धार बाहर निकलने लगी।

मां की बीमारी की खबर सुन महानगर से सेवा करने आया था बेटा; रहस्यमयी परिस्थितियों में मौत

स्थानीय निवासियों और पड़ोसियों से प्राप्त प्राथमिक विधिक जानकारी के अनुसार, 42 वर्षीय मृतक शीनू देश के एक बड़े महानगर में अच्छी नौकरी (Job) करता था। पिछले दिनों जब उसे अपनी मां मरियम वर्गिस के अत्यधिक बीमार होने की सूचना प्राप्त हुई, तो वह एक विधिक पुत्र का कर्तव्य निभाते हुए उसकी देखरेख और सेवा करने के लिए विदिशा स्थित अपने पैतृक निवास क्रांति चौक आ पहुंचा।

परंतु, इस बंद घर के भीतर ऐसा क्या हुआ कि शीनू की अचानक मौत हो गई, यह अभी भी एक गहरा रहस्य बना हुआ है। शीनू की मृत्यु के तत्काल बाद उसकी मां उसे किसी विधिक चिकित्सालय या डॉक्टर के पास ले जाने के बजाय अंधविश्वास के जाल में फंस गई। उसने घर के सभी खिड़की-दरवाजे भीतर से पूरी तरह बंद कर लिए और बेटे को चमत्कारी रूप से दोबारा जिंदा करने के लिए धार्मिक व तांत्रिक अंधविश्वास का सहारा लेना शुरू कर दिया।

दूधवाले की सजगता से खुला राज; घर के भीतर का मंजर देख दंग रह गई पुलिस

इस खौफनाक दास्तान का खुलासा तब हुआ जब रोज की तरह दूधवाला मरियम वर्गिस के सूने घर पर दूध देने पहुंचा। दरवाजे के बाहर खड़े होते ही उसे अत्यंत तीखी और असहनीय सड़न की बदबू आई। जब उसकी नजर नीचे पड़ी, तो वह मुख्य दरवाजे के नीचे की दराज से रिसकर बाहर बहते हुए काले पड़ चुके खून को देखकर सन्न रह गया। दूधवाले ने बिना वक्त गंवाए इसकी सूचना तुरंत क्रांति चौक के पड़ोसियों और स्थानीय पुलिस को दी।

चश्मदीद गवाह और पुलिसिया कार्रवाई: सूचना मिलते ही सिविल लाइन थाना प्रभारी (TI) राजपाल सिंह जादौन भारी पुलिस बल और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम के साथ मौके पर पहुंचे। जब पुलिस ने बंद पड़े दरवाजे को विधिक रूप से खुलवाया, तो भीतर का नजारा देखकर अनुभवी पुलिसकर्मियों के भी होश उड़ गए। घर के मुख्य पलंग पर शीनू की 5 दिन पुरानी गल चुकी डेड बॉडी पड़ी हुई थी, जिससे भयंकर बदबू आ रही थी। शव के ठीक सीने के ऊपर ईसाई धर्मग्रंथ ‘बाइबल’ रखी हुई थी, जो इस बात की विधिक गवाही दे रही थी कि मृत शरीर पर अंधविश्वास के तहत कोई गुप्त धार्मिक टोटका या तंत्र-मंत्र की क्रिया अनवरत की जा रही थी।

पड़ोसियों का बयान: मानसिक रूप से विक्षिप्त है शिक्षिका मरियम वर्गिस

इस हृदयविदारक घटना को लेकर पड़ोसियों में गहरा आक्रोश और आश्चर्य व्याप्त है। मामले में पड़ोसियों का पक्ष इस प्रकार है:

  • दिनेश कुमार साहू (पड़ोसी): “पिछले तीन-चार दिनों से गली में अजीब सी बदबू आ रही थी, जिसे हम सामान्य समझ रहे थे। मरियम वर्गिस के घर के दरवाजे हमेशा बंद रहते थे। वह एक शिक्षिका होने के बावजूद पिछले कुछ समय से किसी से कोई बातचीत या सामाजिक व्यवहार नहीं रख रही थी।”

  • सचिन लोधी (पड़ोसी): “शीनू अपनी मां की सेवा करने आया था, लेकिन वह खुद ही लाश बन गया। हमें तो अंदेशा है कि मरियम वर्गिस मानसिक रूप से पूरी तरह विक्षिप्त (Mentally Unstable) हो चुकी है, जिसके कारण उसने इतनी बड़ी बात पूरे समाज और कानून से छुपा कर रखी।”

सिविल लाइन थाना प्रभारी (TI) राजपाल सिंह जादौन का विधिक वक्तव्य: पुलिस के सामने खड़े हुए गंभीर सवाल

मामले की कमान संभाल रहे सिविल लाइन थाना प्रभारी (TI) राजपाल सिंह जादौन ने विधिक मीडिया ब्रीफिंग में बताया कि पुलिस ने शव को अपने नियंत्रण में लेकर तत्काल मर्ग कायम कर लिया है और शव को पोस्टमार्टम (Post Mortem) के लिए जिला चिकित्सालय भेज दिया गया है।

पुलिस मुख्य रूप से निम्नलिखित विधिक बिंदुओं पर अपनी जांच केंद्रित कर रही है:

  1. आखिर एक शिक्षित मां ने अपने सगे जवान बेटे की मौत की विधिक सूचना पुलिस, प्रशासन या अपने सगे-संबंधियों को समय रहते क्यों नहीं दी?

  2. बेटे की तबीयत बिगड़ने पर उसे समय पर उचित चिकित्सीय उपचार (Medical Treatment) क्यों नहीं मुहैया कराया गया?

  3. शव के सीने पर बाइबल रखकर किए जा रहे इस अंधविश्वासी टोटके के पीछे क्या कोई अन्य बाहरी तांत्रिक या अंधविश्वासी गिरोह भी सक्रिय था?

  4. क्या यह प्राकृतिक मृत्यु का मामला है या फिर इस अंधविश्वास के खेल के पीछे शीनू की हत्या की कोई छिपी हुई विधिक साजिश है?

थाना प्रभारी ने आश्वस्त किया है कि पोस्टमार्टम की विस्तृत मेडिकल रिपोर्ट (PM Report) आने के बाद ही मौत के विधिक कारणों और सटीक समय का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा। फिलहाल, पुलिस घटना स्थल से साक्ष्य जुटाकर मृतका की मां मरियम वर्गिस की मानसिक स्थिति की जांच के लिए डॉक्टरों की एक विशेष टीम से परामर्श ले रही है।

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