निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : इंदौर में वंदे मातरम विवाद ने अब नया मोड़ ले लिया है। कांग्रेस की महिला पार्षद रुबीना इकबाल खान पुलिस के सामने पेश हुईं और अपने बयान दर्ज कराए। मामले के तूल पकड़ने और कानूनी कार्रवाई शुरू होने के बाद उन्होंने अपने बयान पर यू-टर्न लेते हुए माफी मांग ली है।
थाने पहुंचकर दर्ज कराए बयान
रुबीना इकबाल खान एमजी रोड थाने पहुंचीं, जहां पुलिस ने उनसे पूरे मामले को लेकर पूछताछ की। इससे पहले कांग्रेस की ही एक अन्य पार्षद फौजिया शेख अलीम से भी पुलिस करीब चार घंटे तक पूछताछ कर चुकी है। दोनों पार्षदों के बयानों के आधार पर अब आगे की कार्रवाई की जा रही है।
बयान पर दी सफाई, जताया खेद
पार्षद रुबीना खान ने अपने कथित विवादित बयान पर सफाई देते हुए कहा कि उनका उद्देश्य किसी की भावनाएं आहत करना नहीं था। उन्होंने कहा कि यदि उनके बयान से किसी को ठेस पहुंची है, तो वह इसके लिए खेद व्यक्त करती हैं।
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राष्ट्रीय गीत के सम्मान की बात दोहराई
रुबीना खान ने स्पष्ट किया कि वह पिछले 15 वर्षों से नगर निगम परिषद का हिस्सा रही हैं और उन्होंने कभी भी राष्ट्रीय गीत या राष्ट्रगान का अपमान नहीं किया। उन्होंने कहा कि वह पहले भी वंदे मातरम का सम्मान करती थीं और आगे भी करती रहेंगी। हालांकि, वंदे मातरम गाने को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने सीधा जवाब देने से बचते हुए इसे व्यक्तिगत विषय बताया।
बीजेपी ने की सख्त कार्रवाई की मांग
इस विवाद के बाद बीजेपी पार्षद दल ने दोनों महिला पार्षदों पर राष्ट्रीय गीत का अपमान करने का आरोप लगाया और सख्त कार्रवाई की मांग की। इस संबंध में संभागायुक्त कार्यालय और एमजी रोड थाने में शिकायत भी दर्ज कराई गई है।
पुलिस जांच जारी
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि सभी तथ्यों और बयानों के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी। इस बीच, माफी के बाद भी यह मुद्दा राजनीतिक रूप से गरमाया हुआ है।
राजनीतिक और सामाजिक असर
वंदे मातरम जैसे संवेदनशील मुद्दे पर उठे इस विवाद ने शहर की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। आने वाले दिनों में यह मामला और तूल पकड़ सकता है।











