Gangster Shabbir Ambikapur Probe: गैंगस्टर शब्बीर आलम मामले में नया मोड़: अंबिकापुर की ट्रांसपोर्ट कंपनियों में निवेश के नहीं मिले सबूत

VIKASH KHALKHO

Gangster Shabbir Ambikapur Probe: अंबिकापुर। वास्तविक घटनाक्रमों पर आधारित फिल्म ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ से चर्चा में आए कथित गैंगस्टर शब्बीर आलम के अंबिकापुर की ट्रांसपोर्ट कंपनियों में करोड़ों रुपये के निवेश के दावों को लेकर चल रही पुलिस जांच में एक नया मोड़ आया है। सरगुजा पुलिस द्वारा पिछले एक सप्ताह से की जा रही गहन छानबीन और दस्तावेजों के परीक्षण के बाद फिलहाल गैंगस्टर के निवेश से जुड़ा कोई भी ठोस सबूत हाथ नहीं लगा है।

राजहंस और समीम ट्रांसपोर्ट के दस्तावेजों की हुई जांच

जानकारी के अनुसार, सरगुजा पुलिस की टीम ने पिछले एक सप्ताह से क्षेत्र की नामचीन परिवहन कंपनियों ‘राजहंस ट्रांसपोर्ट’ और ‘समीम ट्रांसपोर्ट’ के वित्तीय दस्तावेजों, बही-खातों और बैंक लेन-देन की बारीकी से जांच की है। कंपनियों के संचालकों ने भी जांच में पूरा सहयोग करते हुए सभी आवश्यक दस्तावेज पुलिस अधिकारियों को सौंप दिए हैं। प्राथमिक जांच और दस्तावेजों के विश्लेषण के बाद पुलिस को अब तक किसी भी तरह के अवैध वित्तीय निवेश या संदेहास्पद लेन-देन के प्रमाण नहीं मिले हैं।

व्यावसायिक प्रतिद्वंद्वियों पर दुष्प्रचार करने का आरोप

इस पूरे विवाद को लेकर समीम ट्रांसपोर्ट कंपनी के संचालक इरशाद आलम ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी कंपनी पिछले लगभग 60 वर्षों से परिवहन व्यवसाय में पूरी ईमानदारी से सक्रिय है।

इरशाद आलम ने आरोप लगाया:

“कुछ बस ऑपरेटर हमारी व्यावसायिक सफलता से जलते हैं। उन्होंने हमारी बाजार में छवि खराब करने और व्यापार को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से हमारी कंपनी का नाम दुर्भावनापूर्ण तरीके से गैंगस्टर शब्बीर आलम के साथ जोड़कर यह झूठा दुष्प्रचार फैलाया है। हमारे ऊपर लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह निराधार और मनगढ़ंत हैं।”

उन्होंने बैदुल नामक व्यक्ति पर लगे आरोपों को भी खारिज करते हुए कहा कि जब झारखंड पुलिस के चंगुल से गैंगस्टर के भागने की घटना हुई, तब बैदुल छत्तीसगढ़ में मौजूद ही नहीं थे, जिसकी जांच मोबाइल लोकेशन या अन्य माध्यमों से आसानी से की जा सकती है।

फरार शब्बीर और उसके मददगारों की तलाश तेज

उल्लेखनीय है कि लगभग एक सप्ताह पहले झारखंड पुलिस की टीम गैंगस्टर शब्बीर आलम को गिरफ्तार करने अंबिकापुर आई थी। लेकिन कथित तौर पर कुछ स्थानीय लोगों के विरोध और सहयोग के कारण वह पुलिस को चकमा देकर मौके से फरार होने में कामयाब रहा।

अब झारखंड और सरगुजा पुलिस की संयुक्त टीम फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है। इसके साथ ही, सरकारी कार्य में बाधा डालने और आरोपी को भगाने में मदद करने वाले स्थानीय लोगों के खिलाफ भी कानूनी शिकंजा कसा जा रहा है। झारखंड पुलिस ने इस संबंध में अंबिकापुर के कोतवाली थाने में एफआईआर दर्ज कराने के लिए आवेदन दिया है।

जांच के बाद ही होगी आगे की कार्रवाई

सरगुजा पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि हालांकि प्रारंभिक जांच में कंपनियों में निवेश की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जांच के सभी बिंदु अभी बंद नहीं किए गए हैं। यदि भविष्य में किसी भी प्रकार के संदिग्ध वित्तीय लेन-देन या बेनामी संपत्ति में निवेश के नए इनपुट्स मिलते हैं, तो संबंधित पक्षों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।

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विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।
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