Waidhan College Road Waterlogging: बैढ़न/सिंगरौली। सिंगरौली जिला मुख्यालय बैढ़न के व्यस्त कॉलेज मार्ग पर नल-जल योजना की फूटी पाइपलाइन स्थानीय लोगों और राहगीरों के लिए बड़ी परेशानी का सबब बन गई है। संस्कार वैली स्कूल और बबन चौराहे के बीच पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने से प्रतिदिन हजारों लीटर शुद्ध पेयजल सड़क पर बहकर बर्बाद हो रहा है। लगातार पानी बहने की वजह से मार्ग पर जलभराव और कीचड़ की स्थिति निर्मित हो गई है, जिससे स्कूली बच्चों और आम लोगों का निकलना दूभर हो गया है।
व्यस्त कॉलेज मार्ग पर तालाब जैसी स्थिति
स्थानीय नागरिकों के अनुसार, यह मार्ग शहर के सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण मार्गों में से एक है। इसी सड़क पर शासकीय महाविद्यालय, कई नामी निजी विद्यालय, दर्जनों कोचिंग संस्थान तथा कई शासकीय एवं निजी व्यावसायिक प्रतिष्ठान स्थित हैं। इसके बावजूद, लंबे समय से पाइपलाइन की मरम्मत की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया है। सड़क पर लगातार पानी जमा होने से फिसलन बढ़ गई है, जिससे दोपहिया वाहन चालकों के फिसलने और दुर्घटनाग्रस्त होने की आशंका लगातार बनी रहती है।
सीएम हेल्पलाइन 181 पर शिकायतें भी बेअसर
वार्डवासियों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए बताया कि इस समस्या के संबंध में कई बार मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 181 पर शिकायतें दर्ज कराई जा चुकी हैं। लेकिन इसके बावजूद न तो पीएचई विभाग ने कोई प्रभावी कार्रवाई की और न ही नगर निगम के अधिकारियों ने सुध ली।
यह प्रभावित क्षेत्र वार्ड क्रमांक 30 और वार्ड क्रमांक 42 की सीमा से जुड़ा हुआ है। दोनों वार्डों के सीमा विवाद और प्रशासनिक उदासीनता के कारण जनता इस समस्या को भुगतने के लिए मजबूर है।
एक तरफ पानी की किल्लत, दूसरी तरफ हजारों लीटर की बर्बादी
स्थानीय निवासियों का कहना है कि जहां एक ओर सिंगरौली जिले के कई ग्रामीण और शहरी इलाकों में लोग भीषण गर्मी व अन्य मौसमों में पानी की बूंद-बूंद के लिए तरस रहे हैं, वहीं दूसरी ओर प्रशासन की लापरवाही के कारण शुद्ध पेयजल सड़कों पर बहकर नालियों में जा रहा है। यदि समय रहते इस रिसाव को ठीक कर लिया जाए, तो इस पानी से सैकड़ों परिवारों की प्यास बुझाई जा सकती है।
अधूरे कार्यों की जांच और कार्रवाई की मांग
वार्डवासियों ने आरोप लगाया कि नल-जल योजना के तहत ठेकेदारों द्वारा कई स्थानों पर पाइपलाइन बिछाने का कार्य अधूरा छोड़ दिया गया है और गुणवत्ताहीन सामग्री का उपयोग किया गया है, जिसके कारण पाइप बार-बार फट रहे हैं। नागरिकों ने जिला कलेक्टर और वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि:
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क्षतिग्रस्त पाइपलाइन की तत्काल मरम्मत कराई जाए।
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क्षेत्र में नल-जल योजना के अधूरे पड़े कार्यों की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।
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कार्य में लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों और गैर-जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाए।







