बुरहानपुर। जिले में केले के भाव अत्यंत कम होने से परेशान किसानों ने मंगलवार को खकनार तहसील कार्यालय तक रैली निकालकर विरोध प्रदर्शन किया। रैली की शुरुआत निमंदड फाटे से हुई, जो खकनार तहसील कार्यालय पहुंचकर समाप्त हुई। इस दौरान किसानों ने अर्धनग्न होकर तहसीलदार जितेंद्र अलावे को ज्ञापन सौंपा और अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की।
किसानों ने ज्ञापन के माध्यम से कहा कि साल 2018 से बंद पड़ी फसल बीमा योजना को पुनः लागू किया जाए। साथ ही केले की कीमतों में हो रही गिरावट पर राज्य सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग की गई। किसानों का कहना है कि वर्तमान में केले की कीमत मात्र ₹2 से ₹3 प्रति किलो रह गई है, जिससे उनकी लागत भी पूरी नहीं हो पा रही है।
किसानों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द उनकी मांगों पर निर्णय नहीं लिया तो वे 23 अक्टूबर से धरना प्रदर्शन शुरू करेंगे। किसान किशोर वासनकर ने बताया कि इस संबंध में वे पहले ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय कृषि मंत्री से चर्चा कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
रैली में शामिल किसानों ने कहा कि लगातार नुकसान झेलने से उनकी आर्थिक स्थिति बिगड़ गई है। वहीं, तहसीलदार जितेंद्र अलावे ने किसानों को आश्वासन दिया कि उनका ज्ञापन उच्च अधिकारियों तक भेजा जाएगा और समस्या के समाधान के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।
बुरहानपुर जिला देशभर में केले की प्रमुख खेती के लिए जाना जाता है, लेकिन बीते कुछ वर्षों में कीमतों में गिरावट और बीमा योजना बंद होने से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि यदि जल्द राहत नहीं दी गई, तो उन्हें खेती छोड़ने पर मजबूर होना पड़ेगा।













