शिक्षा दूतों की हत्या : जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री एवं उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने नक्सल हिंसा और धर्मांतरण के मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि शिक्षा दूतों की हत्या करने वालों के लिए अब सरकार कोई रास्ता नहीं छोड़ेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि यह प्रमाणित होता है कि किसी शिक्षक की हत्या नक्सलियों ने की है, तो उनके लिए पुनर्वास की सभी संभावनाएं बंद कर दी जाएंगी।
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“बस्तर का बच्चा पढ़ेगा, नक्सली नहीं रोक पाएंगे”
बस्तर में पत्रकारों से चर्चा करते हुए विजय शर्मा ने कहा,
“नक्सली नहीं चाहते कि बस्तर के बच्चे पढ़-लिख जाएं। यही वजह है कि वे स्कूलों को उड़ा रहे हैं और शिक्षकों की हत्या कर रहे हैं। उनके खुद के बच्चे विदेशों और दिल्ली-हैदराबाद के नामी संस्थानों में पढ़ रहे हैं, लेकिन बस्तर के बच्चों के भविष्य से खेल रहे हैं। ये शर्मनाक है।”
उन्होंने चेतावनी दी कि
“हमारे शिक्षा दूतों की हत्या करने वालों को अब पुनर्वास का कोई अधिकार नहीं होगा। सरकार उनके लिए हर रास्ता बंद कर देगी।”
धर्मांतरण पर तीखा हमला: “बस्तर की संस्कृति खतरे में”
उपमुख्यमंत्री शर्मा ने धर्मांतरण के मुद्दे पर भी चिंता जाहिर करते हुए कहा कि बस्तर में तेजी से धर्म परिवर्तन हो रहा है, जिससे स्थानीय परंपराएं और संस्कृति खतरे में पड़ रही हैं।
“धर्मांतरण केवल आस्था तक सीमित नहीं रहता, यह व्यक्ति की पूरी जीवनशैली, व्यवहार और पहचान को बदल देता है,” उन्होंने कहा।
उन्होंने बताया कि भाजपा शासन के बाद इस पर कार्यवाही तेज हुई है, लेकिन समाज की सामूहिक लड़ाई के बिना इसे पूरी तरह रोका नहीं जा सकता।
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नया कानून लाने की तैयारी
डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने ऐलान किया कि छत्तीसगढ़ सरकार जल्द ही धर्मांतरण के खिलाफ एक नया कानून लाएगी। वर्तमान में प्रदेश में 1968 का धर्म स्वतंत्रता अधिनियम लागू है, लेकिन उन्होंने कहा कि









