निशानेबाज न्यूज़ डेस्क; मध्यप्रदेश में प्रस्तावित शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) 2026 को लेकर शिक्षकों में नाराज़गी बढ़ती जा रही है। इसी मुद्दे पर बुरहानपुर में शिक्षकों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें प्रस्तावित परीक्षा का जोरदार विरोध किया गया।
बैठक में शामिल शिक्षकों और संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल के आदेश से प्रदेश के करीब डेढ़ लाख शिक्षक प्रभावित होंगे।
शिक्षकों ने उठाया अनुभव का मुद्दा
बैठक में मौजूद शिक्षकों का कहना था कि प्रदेश में कई शिक्षक पिछले 20 से 30 वर्षों से सेवा दे रहे हैं। ऐसे में दोबारा शिक्षक पात्रता परीक्षा आयोजित करना उनके साथ अन्याय है।शिक्षकों का मानना है कि लंबे अनुभव के बाद भी परीक्षा अनिवार्य करना उनकी सेवा और अनुभव की अनदेखी है।
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सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका की मांग
बैठक में शिक्षकों ने राज्य सरकार से मांग की कि इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की जाए।साथ ही उन्होंने कहा कि जब तक अंतिम निर्णय नहीं आता, तब तक टीईटी 2026 की परीक्षा को स्थगित किया जाए।
आंदोलन की दी चेतावनी
बैठक में शिक्षकों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस आदेश को वापस नहीं लिया तो प्रदेशभर में लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन किया जाएगा।शिक्षक संगठनों का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल अपनी सेवा और अधिकारों की रक्षा करना है और इसके लिए वे आगे भी संघर्ष करेंगे।
बैठक में NMOPS की प्रदेश सचिव प्रमिला सगरे, शिक्षक अतुल उइके और जिलाध्यक्ष संतोष निम्भोरे सहित कई शिक्षक और संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे।











