Thursday, September 10, 2026
Home Business 50 साल बाद अमेरिका में खुलेगी ऑयल रिफाइनरी, ट्रंप ने इंडिया और...

50 साल बाद अमेरिका में खुलेगी ऑयल रिफाइनरी, ट्रंप ने इंडिया और रिलायंस इंडस्ट्री को कहा ‘धन्यवाद’

निशानेबाज न्यूज़ डेस्क: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऊर्जा क्षेत्र में एक बड़ा ऐलान किया है। ट्रंप ने घोषणा की है कि अमेरिका में पिछले 50 वर्षों में पहली बार एक नई तेल रिफाइनरी स्थापित की जाएगी। यह रिफाइनरी टेक्सास के ब्राउनस्विले में बनाई जाएगी और इसे अमेरिकी इतिहास की सबसे बड़ी ऊर्जा डील बताया जा रहा है।

ट्रंप ने इस परियोजना का कुल निवेश करीब 300 अरब डॉलर बताया है और इसके लिए भारत तथा भारत की प्रमुख कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज का भी आभार व्यक्त किया है।

ट्रूथ सोशल पर दी जानकारी

डोनाल्ड ट्रंप ने इस परियोजना की जानकारी अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर साझा की। उन्होंने लिखा कि अमेरिका फिर से वास्तविक ऊर्जा प्रभुत्व की ओर लौट रहा है।

ट्रंप के अनुसार “अमेरिका फर्स्ट रिफाइनिंग” के तहत टेक्सास के ब्राउनस्विले में बनने वाली यह नई रिफाइनरी पिछले 50 वर्षों में अमेरिका की पहली नई रिफाइनरी होगी।

Read More : MP सरकार का बड़ा फैसला! गेहूं खरीदी व्यवस्था और मध्य-पूर्व संकट पर निगरानी के लिए समितियां गठित

अमेरिकी इतिहास की सबसे बड़ी ऊर्जा डील

ट्रंप ने इसे अमेरिकी इतिहास का सबसे बड़ा निवेश बताते हुए कहा कि यह सौदा अमेरिकी श्रमिकों, ऊर्जा उद्योग और दक्षिण टेक्सास के लोगों के लिए बड़ी जीत साबित होगा।उन्होंने इस विशाल निवेश के लिए भारत के साझेदारों और रिलायंस इंडस्ट्रीज का विशेष रूप से धन्यवाद दिया।

‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति का परिणाम

ट्रंप ने कहा कि उनकी ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति, सरल परमिट प्रक्रिया और कम टैक्स की वजह से ऐसे बड़े निवेश अमेरिका में वापस आ रहे हैं।

उनके मुताबिक ब्राउनस्विले बंदरगाह पर बनने वाली यह रिफाइनरी न केवल अमेरिकी ऊर्जा उत्पादन को बढ़ाएगी बल्कि देश की राष्ट्रीय सुरक्षा को भी मजबूत करेगी

हजारों रोजगार और वैश्विक निर्यात को बढ़ावा

ट्रंप के अनुसार इस परियोजना से क्षेत्र में हजारों नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बड़ा फायदा मिलेगा।

उन्होंने यह भी कहा कि यह रिफाइनरी दुनिया की सबसे स्वच्छ और आधुनिक रिफाइनरियों में से एक होगी, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में अमेरिका की स्थिति और मजबूत होगी।

ट्रंप ने अपने संदेश में कहा कि यह परियोजना अमेरिकी ऊर्जा प्रभुत्व की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और इससे वैश्विक निर्यात को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा।

Share The News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here