बुरहानपुर : मध्यप्रदेश के बुरहानपुर जिले में बहने वाली ताप्ती नदी एक गंभीर पर्यावरणीय संकट से जूझ रही है। राजघाट क्षेत्र में अचानक सैकड़ों मछलियों के मृत पाए जाने से इलाके में हड़कंप मच गया है। इस घटना ने न केवल पर्यावरणविदों को चिंतित किया है, बल्कि स्थानीय लोगों की धार्मिक भावनाओं को भी गहरा आघात पहुंचाया है।
प्रदूषण बना मौत का कारण
स्थानीय लोगों और समाजसेवियों का कहना है कि ताप्ती नदी में शहर के गंदे नालों का पानी लगातार मिल रहा है। इसके चलते नदी का जल अत्यधिक प्रदूषित हो गया है। पानी का रंग हरा पड़ चुका है और उससे दुर्गंध भी आने लगी है, जो इस बात का संकेत है कि स्थिति बेहद गंभीर हो चुकी है।
पुल निर्माण से बाधित हुआ प्रवाह
जानकारी के मुताबिक, बसाड़ फाटे के पास बन रहे पुल के कारण नदी का प्राकृतिक प्रवाह प्रभावित हुआ है। इससे राजघाट क्षेत्र में पानी ठहरने लगा है, जहां नालों का गंदा पानी जमा होकर प्रदूषण को और बढ़ा रहा है। ठहरे हुए पानी में ऑक्सीजन की कमी के कारण मछलियों की मौत की आशंका जताई जा रही है।
समाजसेवियों ने उठाई आवाज
ताप्ती सेवा समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों ने कलेक्टर हर्ष सिंह से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने मांग की है कि तत्काल प्रभाव से गंदे नालों को नदी में मिलने से रोका जाए और मृत मछलियों को हटाकर नदी की सफाई कराई जाए।
आस्था और पर्यावरण दोनों पर संकट
ताप्ती नदी क्षेत्र के लोगों के लिए सिर्फ जल स्रोत ही नहीं, बल्कि आस्था का केंद्र भी है। ऐसे में मछलियों की मौत और बढ़ता प्रदूषण न केवल पर्यावरण बल्कि धार्मिक विश्वासों को भी प्रभावित कर रहा है।
प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग
समाजसेवियों ने प्रशासन से जल गुणवत्ता की जांच कराने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो यह संकट और गहरा सकता है।











