नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर अतिरिक्त 25% टैरिफ की अधिसूचना जारी करने के बाद मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार बुरी तरह हिल गया। कारोबार की शुरुआत से ही लाल निशान में रहे सेंसेक्स और निफ्टी गिरावट के साथ बंद हुए।
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बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 849 अंक या 1.04% टूटकर 80,786.54 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में यह 80,685.98 तक फिसल गया था। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 255 अंक या 1.02% गिरकर 24,713.05 पर बंद हुआ।
गिरावट का सबसे ज्यादा असर लार्जकैप स्टॉक्स पर देखा गया। सनफार्मा, टाटा स्टील, बजाज फाइनेंस, महिंद्रा एंड महिंद्रा, बजाज फिनसर्व, रिलायंस और एक्सिस बैंक जैसी कंपनियों के शेयर 2 से 3% तक लुढ़क गए। मिडकैप और स्मॉलकैप कैटेगरी भी नहीं बच पाईं। पीरामल एंटरप्राइजेज, गिलेट, बंधन बैंक, एमआरएफ, इंफोबीम और जेके पेपर जैसे शेयर 3 से 8% तक गिर गए।
अमेरिका ने यह अतिरिक्त टैरिफ भारत की रूस से तेल और हथियारों की खरीद को लेकर लगाया है, जो 27 अगस्त से लागू होगा। इस कदम के बाद भारत, ब्राजील के साथ उन देशों में शामिल हो गया है जिन्हें ट्रंप प्रशासन के 50% तक के टैरिफ का सबसे ज्यादा बोझ झेलना पड़ रहा है। इसका सीधा असर ऊर्जा, स्टील, बैंकिंग और वित्तीय कंपनियों पर दिखाई दिया।
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हालांकि, गिरावट के इस दौर में कुछ शेयरों ने मजबूती भी दिखाई। आयशर मोटर्स, एचयूएल और मारुति के शेयरों में 2 से 3% तक तेजी दर्ज की गई। नवीकरणीय ऊर्जा सेक्टर से जुड़े वेरी एनर्जी, वीएमएम और प्रीमियर एनर्जी जैसे मिडकैप स्टॉक्स ने बढ़त बनाई, जबकि स्मॉलकैप कैटेगरी में क्राफ्ट्समैन के शेयर करीब 5% उछल गए।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रंप टैरिफ का असर आने वाले दिनों में और गहरा हो सकता है और निवेशकों को सतर्क रहकर पोर्टफोलियो मैनेज करना चाहिए।













