ग्रेटर नोएडा, 4 सितंबर 2025 – भारतीय मसालों की खुशबू और स्वाद अब दुनिया के हर कोने में पहुँच रही है। भारत दुनिया का सबसे बड़ा मसाला उत्पादक, उपभोक्ता और निर्यातक है। भारतीय मसाला बोर्ड और वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 2022-23 में भारत का मसाला निर्यात लगभग 4 बिलियन अमेरिकी डॉलर का था, जिसमें काली मिर्च, हल्दी, जीरा, इलायची और लाल मिर्च प्रमुख रूप से शामिल हैं। भारत से दुनिया के 200 से ज्यादा देशों को मसाले भेजे जाते हैं।
भारतीय मसालों की वैश्विक धूम को देखते हुए ग्रेटर नोएडा के एक्सपो सेंटर में 3 से 5 सितंबर 2025 तक स्पेशल मसाला एग्ज़िबिशन का आयोजन किया गया। इस प्रदर्शनी में भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत स्पाइसेस बोर्ड के बैनर तले आठ राज्यों के कारोबारियों ने अपने उत्पाद पेश किए। यह एफआई इंडिया का 19वां और प्रोपैक इंडिया एक्सपो का 7वां संस्करण था।
प्रदर्शनी के आयोजक इन्फॉर्मा मार्केट्स इन इंडिया के एमडी योगेश मुद्रस ने बताया कि भारत अब सिर्फ “मसालों की धरती” नहीं रहा, बल्कि दुनिया में सबसे बड़े स्पाइस एक्सपोर्टर के रूप में उभर रहा है। भारत 200 से ज्यादा देशों को 60 से ज्यादा प्रकार के मसाले निर्यात करता है। यही कारण है कि भारत को मसालों का महाराजा कहा जाता है।
मसालों के निर्यात से किसानों को भी फायदा हो रहा है। सीएसआईआर की मुख्य वैज्ञानिक डॉ. मीनाक्षी सिंह के अनुसार, अनुसंधान और विकास प्रयोगशालाओं के माध्यम से इनोवेशन को बढ़ावा दिया जा रहा है और FSSAI ने सुरक्षा जांच अनिवार्य कर दी है। इस पहल से भारत का जैविक खाद्य बाजार 2024 में 1917 मिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुँच गया।
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आंकड़ों के मुताबिक, भारत के मसाले निर्यात का मूल्य 2033 तक 10807 मिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुँचने का अनुमान है। भारतीय मसाले केवल स्वाद के लिए नहीं, बल्कि आर्थिक दृष्टि से भी किसानों और व्यापारियों के लिए फायदेमंद साबित हो रहे हैं।











