Singrauli News : सिंगरौली। जिले के सरई क्षेत्र अंतर्गत अमहा टोला में शासकीय उचित मूल्य की दुकान (राशन दुकान) में कोटेदार की खुली मनमानी और गंभीर अनियमितता का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां के 608 गरीब राशनधारियों ने आरोप लगाया है कि उन्हें बीते चार महीनों से सरकारी राशन नहीं मिला है, जबकि कोटेदार उनसे फिंगरप्रिंट लगवाकर अनाज हड़प रहा है।
Singrauli News : फिंगरप्रिंट के बाद भी अनाज नहीं
पीड़ित ग्रामीणों का कहना है कि कोटेदार रिकॉर्ड में तो 608 लाभार्थियों के बीच राशन वितरित दिखा रहा है, लेकिन वास्तविकता में चार महीने से उन्हें एक दाना भी नहीं मिला है।
- खाद्यान्न संकट: चार माह से राशन बंद होने के कारण कई गरीब परिवारों के सामने गहरा खाद्यान्न संकट उत्पन्न हो गया है।
- परेशान ग्रामीण: महिलाएं और बुजुर्ग बताते हैं कि वे हर दिन सुबह 4 बजे से बिना खाए-पिए लाइन में खड़े रहते हैं, इसके बावजूद कोटेदार उन्हें राशन देने से मना कर देता है।
- दुर्व्यवहार: ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि कोटेदार अक्सर शराब के नशे में रहता है, लाभार्थियों के साथ अभद्रता करता है और उन्हें धमकाता है।
“जाओ कलेक्टर से लेकर आओ राशन”
लाभार्थियों के अनुसार, जब वे फिंगरप्रिंट देने के बाद अपना हक मांगते हैं, तो कोटेदार उन्हें धमकी देता है और कहता है, “जाओ जिला कलेक्टर से जाकर ले आओ राशन।”
Singrauli News : गरीबों के हक पर डाका डालने के इस गंभीर मामले से ग्रामीण बेहद आक्रोशित हैं। उनका कहना है कि यह मनमानी अकेले कोटेदार का काम नहीं हो सकता, इसमें अन्य विभागीय अधिकारी भी शामिल हो सकते हैं।
Singrauli News : कलेक्टर से कठोर कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, खाद्य विभाग और कलेक्टर से मामले की तत्परता से जांच कराने और दोषी कोटेदार पर कठोर कार्रवाई करने की मांग की है।
उनका कहना है कि यदि जल्द ही इस मामले में कार्रवाई नहीं हुई और उनका राशन वितरण शुरू नहीं हुआ, तो वे बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।











