जबलपुर : मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी डैम में हुए दर्दनाक क्रूज हादसे के बाद अब बचाए गए यात्रियों के बयान कई गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं। हादसे से सुरक्षित बाहर निकले पर्यटकों ने क्रूज संचालन में भारी लापरवाही और अव्यवस्था के आरोप लगाए हैं।
यात्रियों का कहना है कि क्रूज में सुरक्षा मानकों का ठीक से पालन नहीं किया गया था। सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि कई लोगों को लाइफ जैकेट तक समय पर नहीं दी गई।
‘क्रूज में ठूंस-ठूंसकर भरे गए यात्री’
हादसे में बचीं यात्री प्रिया शर्मा ने क्रूज संचालन को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने बताया कि:
- क्रूज में जरूरत से ज्यादा लोगों को बैठाया गया था
- यात्री खचाखच भरे हुए थे
- बच्चों के लिए कोई सुरक्षा व्यवस्था नजर नहीं आ रही थी
उन्होंने कहा कि बच्चे लगातार इधर-उधर दौड़ रहे थे, लेकिन उन्हें संभालने या रोकने वाला कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था।
हादसे के समय नहीं थीं पर्याप्त लाइफ जैकेट
यात्रियों के अनुसार क्रूज में चढ़ते समय लाइफ जैकेट उपलब्ध नहीं कराई गई थी।
एक अन्य पर्यटक ने दावा किया कि:
- लाइफ जैकेट तब बांटी गईं जब क्रूज डूबने की स्थिति में पहुंच गया था
- कई यात्रियों को यह समझ ही नहीं आया कि क्या करना है
यह आरोप हादसे की गंभीरता को और बढ़ा रहे हैं।
रेलिंग की ऊंचाई पर भी उठे सवाल
बचाए गए लोगों ने यह भी बताया कि क्रूज की रेलिंग काफी नीची थी।
यात्रियों के मुताबिक:
- कोई भी व्यक्ति आसानी से रेलिंग पार कर सकता था
- बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा के लिहाज से यह बेहद खतरनाक था
अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या क्रूज संचालन में तय सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं।
भोपाल हादसे के बाद भी नहीं लिया गया सबक
गौरतलब है कि साल 2022 में भोपाल की अपर लेक में भी तेज हवाओं के दौरान क्रूज आंशिक रूप से डूब गया था। उस घटना के बाद मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई निर्देश जारी किए थे।
तब:
- लाइफ जैकेट अनिवार्य की गई थी
- सुरक्षा प्रक्रिया मजबूत करने के निर्देश दिए गए थे
- रेलिंग और अन्य तकनीकी मानकों में सुधार की बात कही गई थी
हालांकि यात्रियों के आरोपों के बाद अब यह सवाल खड़ा हो रहा है कि उन नियमों का पालन जमीनी स्तर पर कितना हुआ।
जांच रिपोर्ट पर टिकी निगाहें
बरगी डैम हादसे के बाद प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है।
अब यह पता लगाया जा रहा है कि:
- क्रूज में क्षमता से अधिक लोग थे या नहीं
- सुरक्षा उपकरण पर्याप्त थे या नहीं
- मौसम खराब होने के बावजूद संचालन क्यों जारी रखा गया
फिलहाल पूरे मामले की सच्चाई जांच रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगी।
सुरक्षा व्यवस्था पर बढ़ी चिंता
इस हादसे ने प्रदेश के पर्यटन स्थलों पर संचालित जल गतिविधियों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि:
- क्रूज और बोट संचालन में नियमित जांच जरूरी है
- यात्रियों की संख्या पर सख्ती होनी चाहिए
- खराब मौसम में जल गतिविधियों पर तत्काल रोक लगनी चाहिए
ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।











