Mehgaon Blind Murder Solved: भिंड: मध्यप्रदेश के भिंड जिले की मेहगांव थाना पुलिस ने एक ऐसे अंधे कत्ल (Blind Murder) का पर्दाफाश किया है, जिसकी खौफनाक साजिश सैकड़ों किलोमीटर दूर रची गई थी। इस हत्याकांड को अंजाम देने के लिए प्रेम, विश्वासघात और हैवानियत की सारी हदें पार कर दी गईं। पुलिस की सूझबूझ और तकनीकी जांच के चलते अब इस अंधे कत्ल के राज से पर्दा उठ चुका है और मामले के तीनों आरोपी सलाखों के पीछे पहुंच गए हैं।
बंबा किनारे मिला था चेहरा कुचला शव, रेलवे टिकट से मिला सुराग
घटना की शुरुआत 3 जून को हुई, जब मेहगांव थाना क्षेत्र के पिपरोली गांव के हार में बंबा किनारे एक अज्ञात महिला का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई थी। मृतका का चेहरा और सिर फावड़े से बुरी तरह कुचल दिया गया था ताकि उसकी पहचान न हो सके। शव के पास से पुलिस को एक फावड़ा और एक फटा हुआ रेलवे टिकट बरामद हुआ था। महिला की शिनाख्त न होने पर पुलिस ने डॉग स्क्वायड, एफएसएल (FSL) टीम और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से तफ्तीश शुरू की। रेलवे टिकट की कड़ियों को जोड़ते हुए पुलिस मथुरा और ग्वालियर रेलवे स्टेशन तक जा पहुंची। वहां के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगालने पर मृतका दो युवकों के साथ दिखाई दी, जिसके बाद जांच की दिशा बदल गई।
सूरत के लव ट्रायंगल ने ली महिला की जान
पुलिस जांच में सामने आया कि मृतका की पहचान इंद्रावती वर्मा के रूप में हुई, जो उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले की रहने वाली थी। वह गुजरात के सूरत में नारायण बघेल नाम के व्यक्ति के साथ पत्नी के रूप में रह रही थी। इसी बीच नारायण बघेल का दिल भिंड की रहने वाली संगीता बघेल के लिए धड़कने लगा। संगीता शादीशुदा थी, लेकिन अपने पति से अलग रह रही थी। नारायण और संगीता के इस प्रेम प्रसंग के बीच इंद्रावती वर्मा सबसे बड़ी बाधा बन रही थी। इंद्रावती लगातार दोनों पर शादी के लिए दबाव बना रही थी और कुछ समय पहले उसने मेहगांव थाने में इसकी शिकायत भी दर्ज कराई थी।
ऐसे रची गई मौत की खौफनाक साजिश
इंद्रावती को हमेशा के लिए रास्ते से हटाने के लिए नारायण और संगीता ने एक खतरनाक योजना बनाई। इस साजिश में उन्होंने सूरत में साथ काम करने वाले इटावा निवासी कुंदन बाथम को भी शामिल कर लिया। योजना के मुताबिक, नारायण और कुंदन ने इंद्रावती को साथ रखने का झांसा दिया और उसे सूरत से मथुरा, फिर ग्वालियर होते हुए भिंड लेकर आए। भिंड पहुंचकर उन्होंने संगीता बघेल को भी अपने साथ ले लिया। रास्ते में हत्या को अंजाम देने के मकसद से एक फावड़ा भी खरीदा गया।
रात के समय अजनौल गांव जाने के लिए कोई साधन न मिलने के बहाने चारों पिपरौली बंबा के पास उतर गए। कुछ दूर पैदल चलने के बाद सुनसान रास्ता देखकर नारायण और कुंदन ने इंद्रावती का गला घोंट दिया। इसके बाद उसकी पहचान छुपाने के क्रूर इरादे से फावड़े से उसका सिर और चेहरा बुरी तरह कुचल दिया और शव को वहीं फेंककर फरार हो गए।
मोबाइल लोकेशन और सीसीटीवी से दबोचे गए कातिल
मेहगांव थाना प्रभारी महेश शर्मा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मोबाइल लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर घेराबंदी करते हुए तीनों आरोपियों (नारायण बघेल, संगीता बघेल और कुंदन बाथम) को हिरासत में ले लिया। पुलिसिया पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल करते हुए हत्या की पूरी साजिश उगल दी। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल किया गया फावड़ा जब्त कर लिया है और तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है। जो प्रेम कहानी कभी सूरत में शुरू हुई थी, वह नफरत और खूनी साजिश में बदल गई और अब कानून इस खौफनाक खेल का हिसाब करेगा।









