निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : मध्यप्रदेश के सिंगरौली में हुई बैंक ऑफ महाराष्ट्र की 15 करोड़ रुपये की डकैती मामले में अब अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन सामने आया है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि इस पूरे गिरोह को नेपाल में बैठा एक व्यक्ति इंटरनेट कॉलिंग के जरिए ऑपरेट कर रहा था।
नेपाल से चल रहा था पूरा नेटवर्क
जांच में सामने आया है कि वारदात में शामिल पांचों आरोपी नेपाल में मौजूद हैंडलर के संपर्क में थे। यह शख्स घटना से पहले और बाद में लगातार आरोपियों को निर्देश देता रहा। पुलिस को संदेह है कि यह एक संगठित अंतरराष्ट्रीय गिरोह हो सकता है।
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एक महीने तक चली थी रेकी
आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने करीब एक महीने तक सिंगरौली में रहकर बैंक की रेकी की थी। हर दिन सुबह से शाम तक बैंक की गतिविधियों पर नजर रखी जाती थी, उसके बाद योजना बनाकर वापस ठिकाने पर लौट जाते थे।
हथियारों के बल पर डकैती
17 अप्रैल को बदमाशों ने बैंक ऑफ महाराष्ट्र में दिनदहाड़े हथियारों के बल पर कर्मचारियों और ग्राहकों को बंधक बनाकर करीब 15 करोड़ रुपये की लूट को अंजाम दिया था।
आरोपी अलग-अलग राज्यों से
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी अलग-अलग राज्यों से जुड़े हैं—बिहार, झारखंड और मध्यप्रदेश। खास बात यह है कि कई आरोपी एक-दूसरे को पहले से नहीं जानते थे और उन्हें अलग-अलग तरीके से इस गैंग में जोड़ा गया था।
पुलिस की जांच तेज
फिलहाल पुलिस ने एक आरोपी कमलेश कुमार को गिरफ्तार किया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है। मुख्य आरोपी फंटूश उर्फ ननकी समेत अन्य संदिग्धों की भूमिका की जांच की जा रही है।











