Manjusha Hospital Case: जबलपुर के मंजूषा हॉस्पिटल पर बड़ी कार्रवाई जच्चा-बच्चा की मौत के बाद लाइसेंस 15 दिन के लिए निलंबित

Anuj Nirala

Manjusha Hospital Case: जबलपुर। मध्यप्रदेश के जबलपुर में एक निजी अस्पताल की कथित लापरवाही के मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। शहर के मंजूषा हॉस्पिटल का लाइसेंस 15 दिनों के लिए निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई एक गर्भवती महिला और उसके नवजात शिशु की मौत के बाद गठित जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर की गई है।

इलाज के दौरान बिगड़ी हालत, जच्चा-बच्चा की हुई मौत

Manjusha Hospital Case: जानकारी के अनुसार, तनवीर नामक व्यक्ति ने मंजूषा हॉस्पिटल के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि अस्पताल में एक गर्भवती महिला के इलाज में गंभीर लापरवाही और अनियमितताएं बरती गईं।

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Manjusha Hospital Case: बताया गया कि महिला की तबीयत बिगड़ने पर उसे मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया था, जहां उपचार के दौरान महिला और उसके नवजात शिशु दोनों की मौत हो गई। इस घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए थे।

जांच में सामने आईं कई खामियां

Manjusha Hospital Case: मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला कलेक्टर के निर्देश पर तीन सदस्यीय जांच दल का गठन किया गया। इस टीम में स्त्री रोग विशेषज्ञ, वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारी और नर्सिंग होम के नोडल अधिकारी शामिल थे।

Manjusha Hospital Case: जांच दल ने अस्पताल का निरीक्षण किया, जिसमें इलाज की प्रक्रियाओं, दस्तावेजों के संधारण और बुनियादी सुविधाओं में कई गंभीर कमियां और अनियमितताएं पाई गईं। रिपोर्ट में अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए हैं।

15 दिन के लिए निलंबित हुआ लाइसेंस

Manjusha Hospital Case: जांच रिपोर्ट मिलने के बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) ने मंजूषा हॉस्पिटल का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से 15 दिनों के लिए निलंबित कर दिया। साथ ही अस्पताल प्रबंधन को स्टाफ, इंफ्रास्ट्रक्चर और रिकॉर्ड संबंधी कमियों को दूर करने के निर्देश दिए गए हैं।

मौत के कारणों की होगी विस्तृत जांच

Manjusha Hospital Case: मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी नवीन कोठारी ने बताया कि जच्चा-बच्चा की मौत के वास्तविक कारणों और अस्पताल की जिम्मेदारी तय करने के लिए मेडिकल कॉलेज से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है।

Manjusha Hospital Case: उन्होंने कहा कि रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद मामले में आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। यदि अस्पताल की लापरवाही साबित होती है, तो और भी कड़े कदम उठाए जा सकते हैं।

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स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर उठे सवाल

Manjusha Hospital Case: इस घटना के बाद निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को लेकर फिर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि जिले में संचालित निजी अस्पतालों की जांच और निगरानी को और सख्त किया जाएगा, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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